हम हार गए अपनी गाय माता की वजह से
यादव ने योगी सरकार के एक साल के कार्यकाल की कमियां और अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाने का कोई मौका नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि हमने शहरों में 24 घंटे बिजली दी। लाइनें बिछवाईं, सबस्टेशन बनवाए। नई सरकार ने कहीं एक भी नया सबस्टेशन नहीं बनाया। 100 नंबर डायल को मजबूती दी। मेट्रो चलवाई, एक्सप्रेस वे बनवाया, समाजवादी पेंशन और लैपटॉप बांटा। विकास के मुद्दे पर ‘काम बोलता है’ का नारा देकर जनता के बीच गए। लेकिन हम चुनाव श्मशान, कब्रिस्तान के चक्कर में हार गए। हम हार गए अपनी गाय माता की वजह से।
पिता चाचा के बाद बुआ ने परिवार पूरा किया
पिता, चाचा से रिश्ते ठीक होने और बुआ के साथ आने पर परिवार पूरा होने के सवाल पर कहा कि परिवार एकजुट हो रहा है, बुआ के साथ आ जाने पर बीजेपी में बौखलाहट है। राज्यसभा चुनाव हारने के बाद मायावती का अखिलेश में राजनीतिक अनुभव की कमी बताने पर उन्होंने कहा कि यह सच है कि वह उम्र में मायावती से छोटे हैं, इसको स्वीकार करने में क्या गलत है। राजा भैया को वोट देने का आभार जताने वाला ट्वीट डिलीट करने पर कहा कि गठबंधन में कभी-कभी दूसरों का कहना भी मानना चाहिए। मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस में गठबंधन पर अपनी राय पूरी तरह से साफ कर दी है। गोरखपुर, फूलपुर उपचुनाव जनता का चुनाव था और राज्यसभा चुनाव इंतजाम का चुनाव था। कैराना लोकसभा के उपचुनाव में उन्होंने कांग्रेस के भी साथ रहने की इच्छा जताई। कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी उम्र लगभग बराबर है। वह लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी के नारे अच्छे दिन आने वाले हैं, 15 लाख रुपये कब आएंगे और किसानों का कर्ज माफ करने की मांग पर सबके साथ लड़ेंगे।
सांप छछूंदर बताया तो दोनों ने बीजेपी को काटा
अखिलेश ने कहा कि चुनाव में सपा बसपा को सांप और छछूंदर बताया गया, यही वजह थी कि चुनाव में दोनों ने बीजेपी को तेजी से काट लिया। खुद को फारवर्ड समझकर विकास के काम कराए लेकिन बाद में पता चला कि मै बैकवर्ड हूं, तो हां लेकिन मुख्यमंत्री कहते हैं कि वह हिंदू हैं, इसलिए ईद नहीं मनाते हैं। सपा सरकार में मुझ पर मुआवजा देने में हिंदू-मुस्लिमों में भेदभाव के आरोप लगाते थे। कासगंज में मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा क्यों नहीं दिया।
अगले नवरात्र हम लोग भी बूंदी के लड्डू खाएंगे
अखिलेश ने कहा कि इस बार राज्यसभा चुनाव जीतने की खुशी में मुख्यमंत्री व्रत रखकर चार बूंदी के लड्डू खा गए। अगले वर्ष नवरात्र हमलोग भी व्रत रखेंगे और बूंदी के लड्डू खाएंगे। उन पर परिवारवाद के आरोप लगते हैं, वह डिंपल यादव को लोकसभा चुनाव नहीं लड़ाएंगे। बीजेपी भी परिवारवाद छोड़े। अगर परिवारवाद न होता तो मठ की कुर्सी भी न मिलती। अगले महीने उनका विधान परिषद सदस्य का कार्यकाल पूरा हो रहा है। यह बाद में तय होगा कि लोकसभा चुनाव लड़ूंगा या 2022 का इंतजार किया जाएगा। कहा कि वह उनके राम और कृष्ण दोनों भगवान हैं।
कानपुर की मेट्रो छीनी, पनकी प्लांट को अनुमति नहीं दी
अमर उजाला संवाद में अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार में कानपुर की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। कहा कि कानपुर की मेट्रो छीन ली गई और काम रोक दिया गया। इसकी जगह गोरखपुर और झांसी मेट्रो बनवाने की बात हो रही है। इंतजार करेंगे पांच साल में भी वहां मेट्रो चल जाए तो बताना। पनकी में 660 मेगावाट पॉवर प्लांट और घाटमपुर में नेयवेली लिग्नाइट पॉवर प्लांट को केंद्र सरकार की अनुमति न मिलने से काम नहीं शुरू हो सका था। यह सभी उनकी योजनाएं हैं।
सब्सिडी मिले तो कानपुर में फिल्मेें बने
अखिलेश ने कहा कि उन्होंने अभी एक अभिनेता (जॉन अब्राहम) से पूछा कि यूपी में कितनी फिल्में नई सरकार ने टैक्स फ्री की हैं। अखिलेश बोले, यह सरकार कंजूस है। उनकी सरकार में 40 फिल्में यूपी में टैक्स फ्री की गईं। अगर सरकार सब्सिडी दे तो मुंबई में नहीं कानपुर में फिल्में बनेंगी।