संदिग्ध परिस्थितियों में आशारानी घर से चली गई
आशाराम के मुताबिक बीती 23 सितंबर को वह चौबानपुर में राजमिस्त्री का काम करने गया था। उसी दिन संदिग्ध परिस्थितियों में आशारानी घर से चली गई थी। उसकी तलाश के दौरान पता चला कि रामनिवास भी 23 सितंबर से गायब है।
शाहजहांपुर-सीतापुर रेलवे ट्रैक पर पड़े थे शव
इसके बाद उसने पत्नी आशारानी की गुमशुदगी मैगलगंज कोतवाली में दर्ज करा दी थी। रविवार सुबह राम निवास और आशारानी के शव शाहजहांपुर-सीतापुर रेलवे ट्रैक पर पिहानी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत जहानीखेड़ा चौकी क्षेत्र के पास पड़े मिले।
शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे
जानकारी पर जहानीखेड़ा चौकी प्रभारी रामानंद मिश्र पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। तलाशी के दौरान शवों के पास से आधार कार्ड और रामनिवास के शव से मोबाइल भी बरामद हुआ। इसी के आधार पर परिजनों को सूचना दी गई। परिजन मौके पर पहुंच गए। इसके बाद पंचनामा भरकर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजनों को भनक लगी, तो टोका-टाकी करने लगे
शादी के बाद से राम निवास का प्रेम संबंध अपनी समधन आशारानी पत्नी आशाराम के साथ हो गया। दोनों चोरी छुपे एक दूसरे मिलने लगे। परिजनों को भनक लगी, तो दोनों को टोका-टाेकी करने लगे। इससे दोनों काफी आहत थे। जमाने ने प्रेम को मान्यता नहीं दी, तो दोनों ने एक साथ मरने की ठान ली।
दिल्ली में रुके थे समधी समधन, 17 को आ गए थे गांव
आशाराम के मुताबिक राम निवास के शव के पास से रोडवेज बस का टिकट भी मिला है। 17 अक्तूबर को दिल्ली के सोहराबगेट डिपो से मैगलगंज तक का यह टिकट दो लोगों का है और इसके लिए 535 रुपये चुकाए गए हैं।
दोनों ने एक साथ खुदकुशी कर ली
मतलब यह कि गांव से जाने के बाद रामनिवास और आशारानी दिल्ली चले गए थे। 17 अक्तूबर को वहां से निकलकर 18 को मैगलगंज में उत, तो लेकिन घर नहीं गए। कोई रास्ता न सूझने पर दोनों ने एक साथ खुदकुशी कर ली।