कानपुर देहात। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की सीडीओ ने विकास भवन में समीक्षा की। सर्वे कार्य में लगे सर्वेयरों की सिथिलता पाए जाने पर वेतन रोकने के साथ ही स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही निर्देश दिए कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना से वंचित न रहे, इसको ध्यान में रख सर्वे किया जाए।
बैठक में सीडीओ लक्ष्मी एन ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के सर्वे को लेकर बिंदुवार समीक्षा की। कहा कि वंचित रहे पात्र परिवारों को अपना नाम जुडवाने के लिए सरकार ने अब एक ओर मौका दिया है। पात्र परिवारों के मौजूदा आवास व प्रस्तावित स्थल की जिओ टैग फोटो व अन्य जानकारी आवास प्लस एप पर अपलोड करना है। शासन की गाइडलाइन के अनुसार ही सर्वे कर लाभार्थियों को आवास लाभ दिया जाएगा।
उन्होंने ग्राम पंचायतों में आवास प्लस सर्वेक्षण कार्य में लगाए गए सर्वेयरों प्रगति के बारे में जानकारी ली। कहा कि जांच में यदि पाया जाता है कि जीरो-पावर्टी का लाभार्थी आवास के लिए पात्र हैं और सर्वे में उसका नाम शामिल नहीं हैं तो संबंधित सर्वेयर उत्तरदायी होगें। जो लाभार्थी आवास के लिए पात्र है और किन्हीं कारणों से सर्वे नहीं हो पा रहा है। इस समस्या के निदान के लिए सर्वेयर व्यक्तिगत रूप से जिले स्तर पर वार्ता करके समस्या का समाधान करा सकते हैं। ग्राम पंचायतों में चल रहे सर्वेक्षण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीडीओ ने खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन ग्राम पंचायतों का दौरा कर सर्वे का स्थलीय सत्यापन करें।
साथ ही निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई लाभार्थी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा तो नहीं कर रहा है। इसकी पुष्टि स्वयं राजस्व लेखपाल करेंगे। वहीं, सर्वेक्षण कार्य में लगाए गए पशुपालन विभाग के पशुधन प्रसार अधिकारी, नलकूप विभाग से नलकूप चालकों, लघु सिंचाई के बोरिंग टेकनीशियन की प्रगति अत्यधिक कम होने पर कड़ी नाराजगी जताई। साथ ही सभी का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए वीरेंद्र सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुबोध कुमार समेत अन्य अधिकारी रहे।