ऊमरपुर उप स्वास्थ्य केंद्र में ग्रामीणों की आभा आईडी बनाती एएनएम प्रियंका देवी।
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राजपुर। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही से ब्लॉक में चलाई जा रही योजनाएं दम तोड़ती नजर आ रही हैं। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत लोगों के हेल्थ कार्ड बनाने के लिए आभा आईडी बनाई जा रही हैं। जिसका कार्य काफी सुस्त गति से चल रहा है। समीक्षा में लापरवाही पर मंगलवार को राजपुर पीएचसी अधीक्षक ने 10 सीएचओ व 10 एएनएम का वेतन रोकने के साथ स्पष्टीकरण तलब किया है।
मरीजों का मेडिकल रिकार्ड ऑनलाइन स्टोर किए जाने को लेकर केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत लोगों के हेल्थ एकाउंट बनाए जा रहे हैं। इस काम को करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सीएचओ व एएनएम को जिम्मेदारी दी है। वहीं आशा की सहायता ली जा रही है। आशा को गांव में घर-घर जाकर लोगों को आभा आईडी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद कई ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में अब तक कर्मी नहीं पहुंचे।
जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते कई लोगों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल सका है। दूसरी तरफ आभा कार्ड बनाने की गति भी बहुत धीमी है। मंगलवार को राजपुर पीएचसी अधीक्षक डाॅ. अरुणेंद्र प्रताप सिंह ने आभा आईडी की समीक्षा की। 60 प्रतिशत से कम आभा आईडी बनाने वाले सिकंदरा, भाल, राजपुर, सिकंदरा देहात, गौरी हसनपुर, गौहानी, मदिरापुर, बुधौली, महटौली व अनवां केंद्र के सीएचओ व एएनएम का अप्रैल माह का वेतन रोका गया। बताया कि सभी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। लापरवाही की रिपोर्ट सीएमओ को भेजी गई है।