कुलपति डा. राजकुमार
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इटावा के सैफई मेडिकल कॉलेज (मिनी पीजीआई) के कुलपति डा. राजकुमार को जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा सैफई थाने में दर्ज किया गया है। कुल सचिव की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इधर, देर रात कुलपति के आवास के बाहर तीन और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती कर दी गई।
कुलपति को एक सुरक्षा गार्ड मिला हुआ है। सैफई थानाध्यक्ष चंद्रदेव यादव ने बताया कि रविवार को कुल सचिव सुरेश चंद्र शर्मा की ओर से तहरीर दी गई है। इसमें अज्ञात लोगों द्वारा कुलपति के साथ अनहोनी की आशंका जताई गई है। कुलपति डा. राजकुमार ने फोन पर बताया कि विश्वविद्यालय के कुछ माफिया ठेकेदार और उनके लोग जान से मरने की धमकियां हमारे करीबियों के द्वारा पहुंचा रहे हैं।
कुल सचिव की तहरीर पर सैफई पुलिस ने की कार्रवाई
उन्होंने कहा कि ये लोग अनियमितताओं पर सख्ती करने से चिढ़े हैं, लेकिन मैं उनकी चलने नहीं दूंगा। कुलपति ने कहा कि हालांकि अभी तक मुझे सीधे किसी ने धमकी नहीं दी है लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से काफी दिनों से धमकियां दे रहे हैं। इसकी शिकायत मैं काफी पहले कुलाधिपति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, चिकित्सा शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर कर चुका हूं।
17 अगस्त को पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत भेजी थी। उन्होंने बताया कि पुलिस को तहरीर दी गई है। सैफई थानाध्यक्ष ने बताया कि अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 506 में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। कुलपति से धमकी देने वालों की जानकारी ली जाएगी। जांच और उनसे मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इटावा में सैफई मेडिकल कालेज के कुलपति डॉ राजकुमार का कहना है कि विश्वविद्यालय में रैगिंग का मामला प्रायोजित है, वे जल्द ही इसका खुलासा करेंगे। इसके पीछे कुछ ठेकेदार और अन्य लोग हैं। ये लोग मनमाने तरीके से काम करना चाहते थे। ऐसे लोगों की पूरी सूचना पहले ही उन्होंने कुलाधिपति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दे दी थी।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कालेज में पारदर्शिता चाहते हैं और वे सीएम के निर्देशानुसार काम करेंगे। कुलपति ने कहा कि रैगिंग के बाद मुझे कुलाधिपति ने तलब नहीं किया था, मैंने पहले से मिलने के लिए उनसे समय ले रखा था। मंत्रिमंडल विस्तार के कारण नहीं जा पाया। कुलाधिपति से मेडिकल कालेज में सुविधाओं आदि पर चर्चा हुई थी।