सैफई मेडिकल कॉलेज में सिर मुंडवा कर कक्षा के लिए जाते जूनियर छात्र
- फोटो : अमर उजाला
रैगिंग का दाग लगने के बाद सैफई मेडिकल कॉलेज (मिनी पीजीआई) प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। सभी छात्रावास में छात्र कल्याण, कैंटीन और छात्रावास के जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों के अलावा अन्य के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। साथ ही कुछ सीसीटीवी कैमरों को भी दुरुस्त कराया गया है।
सैफई मेडिकल कॉलेज में एमबीसीएस 2019 बैच के करीब 100 से ज्यादा छात्रों के सिर मुंडवाकर रैगिंग कराने का मामला 20 अगस्त को चर्चा में आया था। पहले को कॉलेज प्रबंधन लीपापोती करता रहा, लेकिन जब एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) और प्रदेश शासन सख्त हुआ तो आनन फानन में जांच कराकर सात छात्रों को रैगिंग का दोषी करार देकर निलंबित कर दिया गया।
सैफई मेडिकल कॉलेज में सिर मुंडवा कर कक्षा के लिए जाते जूनियर छात्र
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उन पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया था। एमबीबीएस 2018 बैच के सभी छात्र-छात्राओं पर भी 5-5 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया था। इसके अलावा छात्र कल्याण संकाय अध्यक्ष डा. कल्बे जवाद को हटाने के साथ दो छात्रावास अधीक्षकों को निलंबित और सभी सुरक्षाकर्मियों को नौकरी से हटा दिया गया था।
इस कार्रवाई से प्रदेश शासन संतुष्ट नहीं हुआ और जिलाधिकारी को फैक्ट फाइंडिंग कमेटी से जांच कराई। फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच में रैगिंग होने के साथ कई अन्य खामियां भी पाई गईं। मानीटरिंग सेल, एंटी रैगिंग कमेटी और एंटी रैगिंग स्क्वॉड की लापरवाही भी कमेटी को मिली है।
सैफई मेडिकल कॉलेज में सिर मुंडवा कर निकलते जूनियर छात्र
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इसके अलावा छात्रों के मोबाइल से भी रैगिंग और खामियों के कुछ सुबूत मिले हैं। शासन तक फजीहत होने के बाद कॉलेज प्रशासन फूंक फूंक कर कदम रख रहा है। सूत्रों के अनुसार सभी छात्रावास में अन्य संकाय के विभागाध्यक्षों, कर्मचारियों व अधिकारियों के प्रवेश पर सख्ती से रोक लगा दी गई है।
छात्रावासों में केवल छात्र कल्याण विभाग के विभागाध्यक्ष, उनसे जुड़े कर्मचारी, छात्रावास के विभागाध्यक्ष, वहां के कर्मचारी ही प्रवेश कर पाएंगे। किसी अन्य के वहां पाए जाने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। इसके अलावा छात्रावास के साथ ही कैंटीन और परिसर के सभी सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त करा लिया गया है। छात्र कल्याण के प्रभारी डा. पीके जैन कैमरों पर निगाह रख रहे हैं। कैमरों की 24 घंटे की रिकार्डिंग रखने को भी कहा गया है।