शिवली। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहजन की पत्तियां बेहद कारगर हैं। सब्जी, दाल के साथ पकाकर इन्हें खाया जाता है। वहीं, सहजन की फली व फूल पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। ये बातें कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार ने सोमवार को अनूपपुर गांव में बताईं। उन्होंने किसानों को सहजन की फलियां भी वितरित कीं।
उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होनी चाहिए। सहजन में प्रचुर मात्रा में विटामिन, मिनरल, प्रोटीन व एंटी ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, इसीलिए सहजन को सुपर फूड भी कहा जाता है।
अनूपपुर में कृषि वैज्ञानिकों ने 70 किसानों को सहजन की फलियां वितरित की। इसके अलावा दिलीप नगर केंद्र पर आने वाले ग्रामीणों को भी सहजन की फलियां वितरित की जा रही हैं। लोगों को सहजन का पेड़ घर में लगाना चाहिए। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार व डॉ. राजेश राय भी मौजूद रहे।
संतरे के मुकाबले सात गुना अधिक विटामिन सी
सहजन में संतरे के मुकाबले सात गुना ज्यादा विटामिन सी होता है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि सहजन में केले के मुकाबले 14 गुना ज्यादा पोटेशियम पाया जाता है।
गाजर की तुलना में 10 गुना ज्यादा बीटा-कैरोटीन होता है। यह आंखों, त्वचा के लिए अच्छा है। दूध के मुकाबले 17 गुना ज्यादा कैल्सियम और पालक के मुकाबले 25 गुना ज्यादा आयरन पाया जाता है।