सोचो वो मुकाबला कितना दिलचस्प होगा जहां अपनी प्रतिष्ठा बचाने को दो पूर्वमंत्री आमने-सामने होंगे। केवल इतना ही नहीं, इन दो प्रत्याशियों में एक के पीछे एक केंद्रीय मंत्री ने अपनी पूरी ताकत झौंक दी है। कैसे भी करके वह अपने प्रत्याशी की सीट निकालना चाहती हैं।
हम बात कर रहे यूपी के हमीरपुर जिले की राठ विधानसभा सीट की। चौथे चरण के मतदान में यहां गुरुवार को वोट पड़ेंगे। देखना दिलचस्प होगा इस मुकाबला में कौन किसे मात देता है। केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति भी भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में जद्दोजहद कर रही हैं। वह मतदाताओं को रिझाने की कोई कसर नहीं छोड़ रही।
सदर विधानसभा में 2012 में भाजपा प्रत्याशी रहीं साध्वी निरंजन ज्योति ने 27.59 फीसदी वोट पाकर विजयी हासिल की थी। चुनाव जीतीं ज्योति फतेहपुर से सांसद चुनकर लोकसभा पहुंची। वह केंद्रीय राज्यमंत्री है। इस विधानसभा से उनका पुराना रिश्ता है। वह निषाद बिरादरी से ताल्लुक रखतीं हैं।
इस चुनाव में भाजपा ने उन्हें स्टार प्रचारक बनाया है। वह विधानसभा क्षेत्र में तो नहीं आ सकीं, अलबत्ता मोबाइल के जरिए भाजपा को जिताने की अपीलें जरूर करती रही हैं। इसी विधानसभा में सपा के कद्दावर नेता एमएलसी रमेश मिश्रा ने पार्टी की चुनावी कमान संभाल रखी है। हाल में बसपा छोड़ सपा में आए पूर्व सांसद राजनारायण बुधौलिया भी दल के प्रत्याशी को जिताने में एड़ीचोटी का जोर लगाए हैं।
राठ विधानसभा सीट पर सुरक्षित होने से पहले वर्ष 2008 तक हमेशा लोधी बिरादरी का ही प्रत्याशी जीतता आया है। 2012 में इस बिरादरी के इकतरफा झुकाव की वजह सेकांग्रेस के गयादीन अनुरागी 40.48 फीसदी वोट पाकर विजयी रही। इस बार चुनाव मेंदो पूर्वमंत्रियों भाजपा से चौधरी राजेंद्र सिंह लोधी और कांग्रेस से पूर्वमंत्री चौधरी ध्रुराम लोधी ने अपनी प्रतिष्ठा लगा दी है।
इन दोनों नेताओं के कमर कस लेने से लोधी मतदाता असमंजस में हैं। ध्रुराम लोधी राठ विधानसभा से तीन बार विधायक रहे हैं। 1994 में वह प्रदेश में बसपा सरकार में पंचायती राज एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री रह चुके हैं। वहीं 1989 में जनता दल से विधायक रह चुके चौधरी राजेंद्र सिंह भी प्रदेश सरकार में पंचायतीराज्य मंत्री रह चुके हैं।