यूपी के उन्नाव में छोटे भाई ने बड़े भाई को मारने के लिए चापड़, बम और ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। जब तक भाई के प्राण पखेरू उड़ नहीं गए तब तक गुस्से में पागल छोटा भाई उसे तड़प-तड़पकर मरता हुआ देखता रहा। इस हत्याकांड के पीछे उसके चार साथी भी शामिल थे।
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गंगाघाट कोतवाली
हत्यारों ने पहले चापड़ से कई वार किए फिर कमर में गोली मारी और देसी बम फेंककर फरार हो गए। बम के धमाके से दहशत फैल गई। यूपी-100 डायल पुलिस मौके पर पहुंच गईं थी। दो हत्यारे पुलिस के सामने ही हथियार लहराते हुए भागे, जिन्हें नहीं पकड़ा जा सका। पुलिस ने पिता की तहरीर पर एक नामजद व चार अज्ञात युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
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घटनास्थल पर लोगों की भीड़
उन्नाव मिश्रा कालोनी निवासी विनय सोनकर उर्फ बीनू (42) पुत्र राजकिशोर को छोटे भाई राहुल ने सोमवार की सुबह करीब 10.30 बजे अपने चार साथियों की मदद से घर से चंद कदम की दूरी पर परचून की दुकान के पास बुलाया। वहां दोनों भाइयों में बातचीत के बाद गाली-गलौज हो गई, फिर राहुल ने बड़े भाई विनय पर चापड़ से कई वार किए।
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मादक पदार्थ की बिक्री को लेकर वर्चस्व व रंजिश में की हत्या
प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि चापड़ लगने के बावजूद विनय जूझता रहा, यह देख राहुल ने 12 बोर का तमंचा निकाला और कमर में सटाकर विनय को गोली मार दी। विनय गिरा तो राहुल ने अपने साथियों के साथ उस पर देसी बम फेंके और सभी भाग निकले। बम फटने से क्षेत्र में दहशत फै ल गई।
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घटनास्थल पर रोते बिलखते परिजन व लगी गांववालों की भीड़
मौके पर पहुंचे कोतवाली प्रभारी दिनेश चंद्र मिश्रा पहुंचे तो विनय की सांस चल रही थी। पुलिस उसे पास के नर्सिंगहोम ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि 2010 में विनय सोनकर उर्फ बीनू ने मोहल्ले में ही सगे चाचा राजेश की चापड़ मारकर हत्या की थी, जिसको लेकर चाचा के लड़के दुश्मनी मानने लगे थे।
उन लोगों ने उसके छोटे भाई राहुल को अपनी ओर मिला लिया था। इसको लेकर भी दोनों में रंजिश थी। एएसपी अनूप सिंह ने बताया कि मृतक के पिता राजकिशोर ने अपने छोटे बेटे राहुल व चार अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस के अनुसार हत्या का कारण रंजिश और घरेलू कलह बताई गई है। मादक पदार्थ की बिक्री की बात भी सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है।