यूक्रेन पर रूस के हमले से चारो तरफ दहशत है। यूपी के औरैया जिले में भी इसका असर दिख रहा है। जो लोग यूक्रेन में फंसे हैं, उनके घर वालों की नींद उड़ी है। बिधूना के भिखरा गांव में रहने वाले दो छात्र तो किसी तरह घर लौट आए हैं, जबकि अभी एक मेडिकल छात्रा यूक्रेन में फंसी हुई है।
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घर वालों ने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है। बिधूना ब्लाक के ग्राम भिखरा निवासी सुनील सेंगर की पुत्री अंशिका व पुत्र अभिषेक दोनों यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। अंशिका नेशनल मेडिकल यूनीवर्सिटी ओडैसा से एमबीबीएस (पांचवां साल) तो अभिषेक लवीव मेडिकल यूनीवर्सिटी से एमबीबीएस (चौथा साल) का छात्र है।
दोनों भाई-बहन एक ही फ्लाइट से 20 फरवरी को दिल्ली पहुंचे थे और देर रात भिखरा स्थित घर आ गए। अंशिका व अभिषेक ने बताया कि वह लोग तीन दिन पहले ही यूक्रेन से वापस घर आए हैं। बताया कि वहां के हालात बहुत ज्यादा खराब हैं। वह लोग बहुत भाग्यशाली हैं कि घर वापस आ गए हैं।
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अंशिका ने बताया कि वह यूक्रेन के जिस ओडैसा शहर में रह रही थी, उसी शहर पर रूस ने आज सुबह पांच बजे हमला किया है। हमला हमारे घर (जहां पर रहती थीं) से मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर हुआ। बताया कि जब वह वहां पर थी, उस समय स्थिति सामान्य थी।
लोग कह रहे थे युद्ध नहीं होगा, पर हमने एंबेसी की एडवाइजरी आने से पहले ही फ्लाइट बुक करा ली थी। बताया कि लवीव शहर पोलैंड की सीमा से लगा हुआ है, जो सुरक्षित इलाका है। फिर भी वह भाई को लेकर आई है। मेरे दोस्तों ने वहां के वीडियो भेजे हैं, जिन्हें देखकर अपने साथियों की चिंता हो रही है।
इधर, बिधूना के मोहल्ला आदर्श नगर निवासी पुष्पेंद्र चौहान की पुत्री शिवानी भी नेशनल मेडिकल यूनीवर्सिटी, ओडैसा में एमबीबीएस आठवें सेमेस्टर की पढ़ाई कर रही है। युद्ध शुरू होने से वह फंस गई है। मां संगीता ने बताया कि बेटी एक सितंबर 2021 को यूक्रेन गई थी।
बताया कि पति पुष्पेंद्र दुबई में प्राइवेट नौकरी करते हैं। जबकि वह बेटे देवांश व यश के साथ बिधूना में रहती हैं। शिवानी से व्हाट्सएप पर काल कर बात की तो उसने बताया कि यहां पर स्थिति बहुत खराब है। अभी तक उनके लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। परिजनों ने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है।