डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि उनकी बेटी ने कहा है या तो डिग्री लेकर आएंगे या मर कर। क्योंकि अभी वापस आने का मतलब है डिग्री छोड़ देना। बेटी उनकी सकुशल है। इंडियन एम्बेसी ने उसके दस्तावेज जमा करा लिए हैं।
अपेक्षा के अलावा हरदोई के सांडी ब्लॉक के रहने वाले महेंद्र यादव जो पूर्व ब्लॉक प्रमुख रहे हैं, उनकी बेटी वैशाली भी वहां फंसी हुई है। वैशाली तेरा पुरसौली की वर्तमान में प्रधान है और यूक्रेन से एमबीबीएस कर रही हैं व वहां फंसी हुई हैं।