फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Russia Ukraine war: डिग्री लेकर आऊंगी या फिर मर जाऊंगी...यूक्रेन में फंसी हरदोई की दो छात्राएं, फोन पर सुनाया मंजर

Fri, 25 Feb 2022 11:32 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई

सार

डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि अगस्त 2016 में बेटी का एडमिशन यूक्रेन में कराया था। कहा उन्होंने अपने परिवार को भगवान को समर्पित कर दिया है, वो जैसा भी करेगा उचित ही करेगा।
विज्ञापन
यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही पुरसौली निवासी वैशाली - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे गृह युद्ध की दहशत उत्तर प्रदेश के हरदोई तक है। हरदोई की दो बेटियां यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। युद्ध से उनके परिजनों में दहशत है। हरदोई शहर के रेलवे गंज के रहने वाले डॉ. डीपी सिंह की बेटी अपेक्षा सिंह यूक्रेन के खरकी शहर में नेशनल खरकी यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की छात्रा है।

विज्ञापन


डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि अगस्त 2016 में बेटी का एडमिशन यूक्रेन में कराया था। कहा उन्होंने अपने परिवार को भगवान को समर्पित कर दिया है, वो जैसा भी करेगा उचित ही करेगा। बताया कि उनकी बेटी बड़ी है और एक छोटा बेटा अविरल सिंह है जो दिल्ली में बायो टेक्नोलॉजी का छात्र है।

बताया दोपहर करीब दो बजे उनकी बेटी से बात हुई तब वो मार्केट में थी। यूक्रेन में इमरजेंसी लगी है। यूनिवर्सिटी में ऑनलाइन क्लासेज चल रही हैं। बेटी सकुशल है, अब उसका 5 महीने का ही कोर्स बाकी रह गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि उनकी बेटी ने कहा है या तो डिग्री लेकर आएंगे या मर कर। क्योंकि अभी वापस आने का मतलब है डिग्री छोड़ देना। बेटी उनकी सकुशल है। इंडियन एम्बेसी ने उसके दस्तावेज जमा करा लिए हैं।

अपेक्षा के अलावा हरदोई के सांडी ब्लॉक के रहने वाले महेंद्र यादव जो पूर्व ब्लॉक प्रमुख रहे हैं, उनकी बेटी वैशाली भी वहां फंसी हुई है। वैशाली तेरा पुरसौली की वर्तमान में प्रधान है और यूक्रेन से एमबीबीएस कर रही हैं व वहां फंसी हुई हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें