कानपुर देहात। जिले के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मरीजों को अब कोरोना जांच रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जिला अस्पताल में ही आरटीपीसीआर की जांच करने के लिए जल्द लैब बनाई जाएगी।
अभी तक कानपुर व लखनऊ से जांच रिपोर्ट आने में तीन से चार दिन का समय लग रहा है। लैब के शुरू होने पर जांच रिपोर्ट महज एक दिन में ही मिल जाएगी। इससे मरीजों को समय से इलाज की सुविधा मिलेगी। लैब के लिए जिला अस्पताल के पुराने भवन में जगह चिह्नित कर ली गई है।
जिला अस्पताल अकबरपुर में कोरोना की जांच के लिए ट्रूनेट मशीन लगी है। जिससे एक दिन में बमुश्किल आठ से दस जांचें हो पातीं हैं। वहीं जिले में प्रतिदिन करीब दो हजार सैंपल लिए जाते हैं। अधिकतर एंटीजन किट से जांच होती है. जबकि आरटीपीसीआर से जांच विश्वसनीय मानी जाती है।
जिले में आरटीपीसीआर लैब न होने के कारण अब तक सैंपल को कानपुर या लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है। वहां से जांच रिपोर्ट आने में कम से कम तीन दिन का समय लग जाता है।
सैंपलों की संख्या अधिक होने के कारण दिक्कत होती है। ऐसे में डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने जिले में ही आरटीपीसीआर लैब खोलने का प्रस्ताव बनाया था। उन्होंने बताया कि जिले में यदि एक लैब बन जाती है तो कोरोना की जांच करने में आसानी होगी।
जिला अस्पताल महिला के पुराने भवन में आरटीपीसीआर लैब खोलने के लिए जगह चिह्नित कर ली गई है। मशीन उपलब्ध कराने का मांग पत्र सीएमओ को भेजा गया है। मिलते ही कोरोना की जांच शुरू करा दी जाएगी। - डॉ. राजीव गुप्ता (सीएमएस जिला अस्पताल पुरुष)
जिला अस्पताल में आरटीपीसीआर लैब खोलने की प्रक्रिया शुरू की गई है। मशीन सहित अन्य उपकरण उपलब्ध कराने का प्रस्ताव जिलाधिकारी के समक्ष अनुमोदन के लिए जल्द रखा जाएगा। - डॉ. राजेश कटियार (सीएमओ)
आपदा राहत कोष से मशीन खरीदने पर विचार
कानपुर देहात। आरटीपीसीआर लैब में जांच के लिए मशीन खरीद के लिए राज्य से बजट मांगा गया था, जो नहीं मिल सका है। सीएमओ ने बताया कि शासन से बजट न मिलने की स्थिति में अब जनपद स्तर पर आपदा राहत कोष से मशीन खरीदने पर विचार किया जा रहा है। इसका प्रस्ताव जिलाधिकारी के सामने रखा जाएगा। स्वीकृति मिलते ही मशीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
लैब खुलने से यह मिलेगी सहूलियत
कानपुर देहात। कोरोना की दूसरी लहर के बाद अब तीसरी लहर से बचाव के इंतजाम चाकचौबंद किए जा रहे हैं। ऐसे में आरटीपीसीआर लैब खुलने से काफी सहूलियत मिलेगी। सीएमएस डॉ. राजीव गुप्ता ने बताया कि लैब स्थापित होने से कोरोना जांच के बाद रिपोर्ट एक दिन में ही मिल सकेगी। जिससे स्वास्थ्य विभाग को कोरोना संक्रमण की चेन पकड़ने में सहूलियत होगी और तेजी से कांटैक्ट ट्रेसिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि जल्द रिपोर्ट मिलने से मरीजों का उपचार भी जल्दी शुरू हो सकेगा।
लैब का ढांचा समझाने को औरैया जा चुकी टीम
कानपुर देहात। जिले में आरटीपीसीआर लैब खोलने से पहले उसका ढांचा समझने के लिए जिला अस्पताल से पैथालॉजिस्ट डॉ. वीपी सिंह व लैब टेक्निशियन की टीम 22 मई को औरैया के भ्रमण पर गई थी। पैथालॉजिस्ट ने बताया कि औरैया मेें आरटीपीसीआर लैब स्थापित करने के लिए भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। शासन से भेजी गई जांच मशीन अभी तक पैक रखी है। जिस कारण संपूर्ण ढांचे को समझा नहीं जा सका है। निर्देश मिलने पर दोबारा भ्रमण किया जाएगा।