राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पहली बार लोकसभा चुनाव में भाजपा को सपोर्ट करने के लिए उसके समानांतर बूथ स्तर तक स्वयं सेवकों की टीम बना रहा है। बूथ स्तर की टीम में पांच भिन्न-भिन्न क्षेत्रों के लोगों को रखा गया है, जिसमें उसी क्षेत्र का एक शिक्षक, एक यूथ, एक महिला और एक पुजारी को शामिल किया गया है। इन लोगों को पूरे बूथ क्षेत्र में रहने वाले मतदाताओं से संपर्क कर उन्हें भाजपा को वोट देने के लिए तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
संघ ने यह प्रक्रिया युद्घ स्तर पर शुरू कर दी है। कानपुर प्रांत में 19 मार्च को 21 जनपदों के करीब 800 स्वयं सेवकों की बैठक जयनारायण विद्या मंदिर इंटरकॉलेज परिसर में रखी गई है। इसमें पूरे प्रांत के दो हजार से अधिक बूथों पर भाजपा के लिए माहौल बनाने की योजना पर चर्चा होगी। भाजपा की तरफ से बूथ स्तर तक संघ को टीम बनाने के पीछे कहा जा रहा है कि मोदी और शाह का सख्त निर्देश है कि विपक्षियों को किसी भी सूरत में हल्के में नहीं लेना है।
इसी वजह से संघ ने भाजपा से अलग स्वयं सेवकाें की टीम को मैदान में उतार दिया है। बूथों पर पांच स्वयं सेवकों की टीम को अपने-अपने क्षेत्र से जुड़े लोगों से लगातार संपर्क करना है। इसी तरह जातिगत आधार पर भी संघ स्वयं सेवकाें की टीम बना रहा है, जो अपने-अपने क्षेत्र में अपनी जाति से जुड़े लोगों को भाजपा के प्रति जागरूक करने का काम करेंगे।
संघ के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि इस बार पिछली सरकार से भी ज्यादा मजबूत सरकार केंद्र में स्थापित कराने के लिए संघ, भाजपा का साथ देने के लिए चुनावी मैदान में उतरा है। मजे की बात यह है कि बूथ स्तर पर भाजपा ने जो टीम बनाई है, संघ का उससे कोई लेना देना नहीं होगा। बूथ स्तर पर संघ अपनी टीम के माध्यम से ही काम करेगा।