चित्रकूट में आरएसएस की राष्ट्रीय चिंतन बैठक
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उत्तर प्रदेश समेत देश के पांच राज्यों में होने वाले विधान सभा चुनाव का रुख भगवा और भाजपा की तरफ मोड़ने के अभियान की शुरुआत का मुहूर्त राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने चैत्र नवरात्र तय किया है। संघ कार्यकर्ताओं से कहा गया कि चुनाव से पहले सक्रिय होकर सरकारों की छवि बनाने में जुटें। यह निर्णय संघ की राष्ट्रीय चिंतन बैठक में शुक्रवार को पहले दिन लिए गए।
आरएसएस की चार दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन बैठक आरोग्यधाम परिसर में शुरू हो गई। पहले सत्र में संघ ने अपने आनुषंगिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया। सूत्रों के मुताबिक, इसमें तय हुआ कि संघ कार्यकर्ता नवरात्र से चुनाव अभियान का आगाज करेंगे। इस पर भी विचार हुआ कि तीसरी लहर से बचने और सबको बचाने का काम किया जाएगा।
बैठक के पहले सत्र में संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने सर कार्यवाह, प्रांत प्रचारक और क्षेत्रीय प्रचारकों सहित आधा सैकड़ा पदाधिकारियों से उनके कामकाज की समीक्षा की। सूत्रों के मुताबिक आनुषंगिक संगठनों के कामकाज की रफ्तार सुस्त होने की वजह कोरोना काल बताया गया। बैठक में केंद्र, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश की सरकारों के कार्यों पर भी चर्चा हुई।
कार्यकर्ताओं को संदेश दिया गया कि सक्रियता से जुटकर चुनाव से पहले सरकारों की छवि बनाने में सहयोग करें। संघ प्रमुख ने कहा कि राष्ट्रहित के लिए संगठन नियमित रूप से काम करेगा। यह भी राय बनी कि कोरोना की तीसरी लहर को लेकर बड़े स्तर पर बचाव और लोगों में जागरुकता के लिए अभियान छेड़ा जाए।
केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा महामारी रोकने के लिए किए गए कार्यों को आम लोगों तक पहुंचाने की राय बनी। दोपहर बाद शुरू हुए दूसरे सत्र में अन्य कार्यकर्ताओं की राय और सुझाव लिए गए। इससे पूर्व बैठक की शुरुआत पंडित दीनदयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, डॉ. हेडगेवार और भारतरत्न नाना जी देशमुख की तस्वीरों पर पुष्प अर्पण से हुई। कोरोना में दिवंगत हुए कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर बैठक में सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, राममाधव, भइयाजी जोशी, सुरेश सोनी, चंपत राय, कृष्ण गोपाल, मंदन दास देवी आदि मौजूद रहे।