राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शताब्दी वर्ष तक सभी गांवों और दलित बस्तियों को संगठन से जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। इसके तरह हर गांव में मिलन केंद्र और शाखाओं का आयोजन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 2025 में अपनी स्थापना के शताब्दी वर्ष तक देश के सभी गांवों और दलित बस्तियों को संगठन से जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। साथ ही एक-एक गांव में मिलन केंद्र और शाखाओं का आयोजन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पिछले दिनों अहमदाबाद में आयोजित संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में हुए फैसलों के संबंध में मंगलवार को क्षेत्र संघचालक वीरेंद्रजीत सिंह ने पत्रकार वार्ता कर जानकारी दी।
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क्षेत्र संघचालक के अनुसार, प्रतिनिधि सभा में शताब्दी वर्ष तक शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी शाखाओं की संख्या दोगुनी करने का फैसला लिया गया है। बताया कि पिछले एक वर्ष में कोरोना महामारी के बावजूद देशभर में करीब 5300 नई शाखाएं लगने लगी हैं। इसी तरह साप्ताहिक मिलन केंद्र और जगह-जगह बनाई गई संघ मंडली की संख्या भी बढ़ी है।
कोरोनाकाल खत्म होने के बाद उन्होंने इसमें और इजाफे की उम्मीद जताई है। कानपुर प्रांत के 21 जिलों में संघ के कार्यक्रमों के संबंध में प्रांत प्रचार प्रमुख अनुपम ने बताया कि एक वर्ष में 106 नई शाखाएं लगने लगी हैं। इसी तरह प्रांत की 479 सेवा बस्तियों में से 199 में संघ की शाखाएं लगाई जा रही हैं।