कानपुर शहर के जाने माने उद्योगपति व घड़ी समूह के मालिक मुरलीधर ज्ञानचंदानी और उनके छोटे भाई बिमल ज्ञानचंदानी ने अमेरिका की चर्चित आर्थिक मैगजीन फोर्ब्स के भारतीय संस्करण में चौथी बार जगह बनाई है। फोर्ब्स इंडिया ने वर्ष 2017 के अंक में इन उद्योगपति बंधुओं को देश के 100 सबसे अमीर उद्योगपतियों में 75वां स्थान दिया है। वर्तमान में करीब 13 हजार करोड़ की संपत्ति के मालिक उद्योगपति बंधुओं को फोर्ब्स ने पहली बार वर्ष 2013 में स्थान दिया था। तब इनके पास 5226 करोड़ की संपत्ति हुआ करती थी। 2017 में कुल संपत्ति 12802 करोड़ पहुंच गई है।
अपनी मेहनत के बल पर फोर्ब्स जैसी मैगजीन में स्थान बनाने वाले मुरली बाबू और बिमल ज्ञानचंदानी उत्तर प्रदेश के एकलौते उद्योगपति बंधु हैं। घड़ी डिटरजेंट और साबुन के कुटीर उद्योग से शुरुआत करने वाले मुरली बाबू आज दो दर्जन से अधिक उत्पादों और एक दर्जन चर्चित ब्रांड के मालिक हैं।
दो साल में 4800 करोड़ की संपत्ति
घड़ी समूह के मालिक मुरली बाबू फोर्स इंडिया में फिर चयनित
नोटबंदी के समय देश भर के उद्योगों के सामने पूंजी और उत्पादन का संकट मंडरा रहा था तब कानपुर की दिग्गज कंपनी आरएसपीएल (रोहित सरफेक्टेंट प्राइवेट लिमिटेड) ने तरक्की की नई इबारत गढ़ी। इसके बाद जीएसटी की उलझनों से निकलते हुए कंपनी ने अपनी तरक्की की रफ्तार को बनाए रखा। नतीजा ये हुआ कि कंपनी ने दो साल में करीब 4800 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति अर्जित की। कंपनी के प्रबंधक इसके पीछे अपने काम के प्रति ईमानदारी को ही श्रेय देते हैं। मुरली बाबू की वर्ष 2015 में कुल 8035 करोड़ रुपये की संपत्ति थी। यह वर्ष 2017 में 12802 करोड़ में तब्दील हो गई।
आरएसपीएल में बनते हैं ये उत्पाद
घड़ी, (डिटरजेंट, साबुन, हैंडवॉश, रूम फ्रेशनर, टॉयलेट क्लीनर), एक्सपर्ट (बर्तन धुलने वाला साबुन, हैंडवॉश), वीनस (नहाने वाला साबुन), नमस्ते इंडिया (दूध, घी, दही, मक्खन, पनीर), प्रो-ईज केयर (सेनेटरी नैपकिन), रेड चीफ (चमड़े के जूते, सैंडिल, चप्पल, स्पोर्ट्स शूज), निम्मी बिल्ड टेक प्राइवेट लिमिटेड (रीयल इस्टेट), नोएडा में सॉफ्टवेयर पार्क, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश में सोलर पॉवर व विंड पॉवर प्लांट स्थापित किया है। इसमें विंड एनर्जी से 100 मेगावाट बिजली बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
बढ़ता गया तरक्की का ग्राफ
घड़ी समूह के मालिक मुरली बाबू
फोर्ब्स इंडिया के मुताबिक मुरली बाबू की कंपनी ने बीते चार सालों में दोगुनी तरक्की की। वर्ष 2013 में इनके पास कुल 5226 करोड़ की संपत्ति थी। महज चार साल में ही कंपनी ने करीब 7500 हजार करोड़ रुपये की और संपत्ति जुटाई। हालांकि वर्ष 2013 के मुकाबले जितनी संपत्ति बढ़ी रैंकिंग में बहुत ज्यादा सुधार नहीं हुआ। चार साल में ये सिर्फ एक सीढ़ी ऊपर चढ़े। वर्ष 2013 में फोर्ब्स की सूची में 76वें स्थान पर थे। इसमें खास बात ये है कि इसके बाद लगातार ग्राफ गिरा लेकिन 2017 में सभी को मात देकर चौंकाने वाली स्थिति तक पहुंचे।
दिग्गज उद्योगपतियों से निकले आगे
घड़ी समूह के मालिक मुरली बाबू
मुरली बाबू ने संपत्ति के मामले में इंफोसिस के संस्थापक एनआर नारायणमूर्ति और नंदन नीलकेणि को भी पीछे छोड़ दिया है। 2015 में जब मुरली बाबू 92वें स्थान पर थे तब नंदन नीलकेणि 69वें और नारायण मूर्ति 53वें स्थान पर थे। इन्हें पछाड़ते हुए मुरली बाबू ने 75वें स्थान पर जगह बनाई। अमीरों की सूची में इमामी समूह के अग्रवाल बंधु, यस बैंक के राना कपूर और मैनकाइंड फार्मा के रमेश जुनेजा सहित तमाम बड़े नाम अमीरों की सूची में नीचे खिसक गए हैं।
मुरली बाबू व बिमल ज्ञानचंदानी की गौरव गाथा
घड़ी समूह के मालिक मुरली बाबू
मुरली बाबू और बिमल ज्ञानचंदानी ने अपना शुरुआती जीवन शास्त्री नगर स्थित सिंधी कालोनी में बिताया। यहां रहते हुए वर्ष 1987 में फजलगंज फायर स्टेशन के पीछे घड़ी डिटरजेंट बनाने की छोटी सी फैक्ट्री लगाई। इसका नाम श्री महादेव सोप इंडस्ट्री रखा। इसे चलाने में कई साल लगे, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। बताते हैं कि डिटरजेंट और साबुन के क्षेत्र में अन्य बड़ी कंपनियों से चुनौती मिलने की वजह से इन्होंने अपना क्षेत्र सीमित रखा। उत्तर प्रदेश में ही मार्केटिंग तेज की और यहीं पर अपने प्रोडक्ट बेचे। नई मार्केटिंग रणनीति के तहत प्रदेश के बाहर कदम रखा। घड़ी साबुन के लिए एक पंच लाइन दी ‘पहले इस्तेमाल करें फिर विश्वास करें’। यह बात लोगों की जुबान पर चढ़ने लगी। यह वह दौर था जब निरमा और व्हील जैसे डिटरजेंट बाजार पर कब्जा जमाए हुए थे। इसके बाद वर्ष 2005 में कंपनी का नाम बदलकर रोहित सरफेक्टेंट प्राइवेट लिमिटेड (आरएसपीएल) कर दिया गया। अब रोहित सरफेक्टेंट प्राइवेट लिमिटेड नाम का विलोपन आरएसपीएल में ही हो गया है। इसका पूरा नाम इस्तेमाल नहीं किया जाता।
परिवार को जानें
घड़ी समूह के मालिक मुरली बाबू
मुरलीबाबू के दो बेटे हैं मनोज ज्ञानचंदानी और राहुल ज्ञानचंदानी। बिमल बाबू के सिर्फ एक बेटा है रोहित। मनोज रेड चीफ के साथ कंपनी के प्रोडक्ट की जिम्मेदारी संभालते हैं, जबकि राहुल और रोहित ऑपरेशंस और मार्केटिंग की। मुरली बाबू और ज्ञानचंदानी रोजाना कंपनी की हर स्थिति की रिपोर्ट लेते हैं। नियमित ऑफिस आते हैं। कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए हर व्यक्ति को अलग अलग जिम्मेदारी और जवाबदेही सौंपी गई है।
वर्ष संपत्ति देश में स्थान
2017 12802 करोड़ 75
2015 8035 करोड़ 92
2014 7969 करोड़ 78
2013 5226 करोड़ 76