इटावा। जिला पंजीकरण प्राधिकरण की बैठक में चार झोलाछाप डिग्री नहीं दिखा सकें। डीएम के आदेश पर उन पर 50-50 हजार के हिसाब से दो लाख का जुर्माना लगाया गया। दोबारा अस्पताल या क्लीनिक खोले मिलने पर 2.5 लाख का जुर्माना लगाकर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं, बैठक से गायब रहने वाले अस्पताल संचालकों पर भी 50- 50 हजार का जुर्माना लगाया गया। अगली बैठक में न आने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
कलक्ट्रेट सभागार में जिला पंजीकरण प्राधिकरण की बैठक आहूत की गई। इसकी अध्यक्षता डीएम शुभ्रांत शुक्ल ने की। इस बैठक में बिना पंजीकरण व बिना डॉक्टर संचालित हो रहे 22 अस्पताल व क्लीनिक संचालकों को कई माह पहले थमाए गए नोटिस मामले में बुलाया गया था। बैठक में 22 अस्पताल संचालकों में 17 उपस्थित हुए जबकि पांच अस्पताल संचालक बैठक से गैरहाजिर रहे। डीएम ने इस नाराजगी जताकर लोहन्ना चौराहे स्थित विजय बहादुर हॉस्पिटल, बसरेहर के श्रीराम हॉस्पिटल, भरथना के शीला हॉस्पिटल, सरसई नावर के बंगाली क्लीनिक व उदी के राजपूत क्लीनिक पर 50-50 हजार जुर्माना लगाया है। अगली बैठक में न आने पर 2.5 लाख का जुर्माना लगाकर विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा बैठक में 17 में चार अस्पताल अस्पताल डिग्री नहीं दिखा सके। इसमें बसरेहर, भरथना के बहादरपुर, ऊसराहार रोड व अहेरीपुर के अस्पताल संचालक शामिल हैं। इन पर 50-50 हजार जुर्माना लगाया गया है। शेष बचे 13 अस्पताल संचालकों पर बीएमएस डिग्री मिलने, पंजीकरण न होने पर 3.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस मौके पर सीएमओ डॉ. बृजेंद्र कुमार सिंह, डिप्टी सीएमओ डॉ. सत्येंद्र कुमार यादव समेत कई लोग मौजूद रहे।