इटावा। एफटीसी प्रथम सुनीता शर्मा ने पांच साल पुराने दहेज हत्या के एक मामले आरोपी पति को दोषी पाते हुए 10 साल की कैद की सजा सुनाई। साथ ही कोर्ट ने उस पर चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं, कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव सास-ससुर को बरी कर दिया।
ऊसराहार थाना क्षेत्र के गांव रम्पुरा निवासी हेतराम ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। बताया कि उसने पुत्री रेशमा की शादी टिसुआ देव निवासी अखिलेश के साथ की थी। शादी के बाद ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। आरोप लगाया कि मांग पूरी न होने पर ससुरालीजनों ने 29 जुलाई 2020 को रेशमा की जहर खिलाकर हत्या कर दी। पुलिस ने पति अखिलेश सास शीला देवी व ससुर राम नरेश के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने पति अखिलेश को दोषी पाया और उसे 10 साल की सजा व चार हजार रुपया के जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, सास शीला देवी व ससुर राम नरेश को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।