इटावा। हावड़ा-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर दो दैनिक ट्रेनों के रूट बदलने जाना का खामियाजा यात्रियों को उठाना पड़ रहा है। इसमें कानपुर-टूंडला मेमू अप-डाउन में शामिल है। इटावा जंक्शन से यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए तीन घंटे इंतजार करना पड़ता है। वहीं, जरूरतमंद यात्री निजी संसाधनों व बसों से कार्यस्थल व घरों तक पहुंच रहे हैं।
उत्तर-मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल ने कुछ समय पहले कानपुर से टूंडला मेमू का मार्ग परिवर्तित कर दिया है। पहले यह ट्रेन कानपुर सेंट्रल से इटावा जंक्शन होते हुए टूंडला तक जाती थी। अब यह ट्रेन कानपुर सेंट्रल से इटावा होते हुए टूंडला न जाकर ग्वालियर तक जा रही है। इस दौरान कानपुर समेत रूरा, फूंफूद, भरथना, इकदिल रेलवे स्टेशन से टूंडला जाने वाले यात्रियों को इटावा जंक्शन पर मजबूरी में उतरना पड़ता है।
इसी तरह वापसी में ग्वालियर से टूंडला जाने वाले यात्रियों को इटावा जंक्शन पर उतरना पड़ता है। यहां ट्रेन बदलने के चक्कर में उन्हें तीन घंटे इंतजार करना पड़ता है। इस दौरान रेलवे ट्रैक पर टूंडला के लिए कोई ट्रेन नहीं है। गर्मी के मौसम में मरीजों को तपते टीन शेड के नीचे घंटों इंतजार करना पड़ता है।
अब तो दूसरी ट्रेन का ही सहारा
फोटो संख्या : 22 महावीर
भरथना निवासी महावीर ने बताया कि उन्हें काम के सिलसिले में शिकोहाबाद जाना था। ट्रेन के मार्ग परिवर्तित होने की जानकारी उन्हें नहीं थी। बाद में पता चला यह ट्रेन इटावा से ग्वालियर तक जाएगी। इसकी वजह से इटावा जंक्शन पर उतरना पड़ा। अब तीन घंटे बाद दूसरी ट्रेन मिलेगी।
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फोटो संख्या : 23 मनीराम
निजी बस से जाएंगे टूंडला
इकदिल निवासी मनीराम ने बताया कि वह उन्हें व्यापार के काम के चलते टूंडला जाना है। ट्रेन परिवर्तन के बाद यह ट्रेन अब इटावा से ग्वालियर जाएगी। 12 से तीन बजे के बाद कोई ट्रेन नहीं है। वापस लौटना भी है इसलिए बस से टूंडला तक जाएंगे।