कानपुर आईआईटी में ‘फंडामेंटल्स ऑफ बायो इंस्पायर्ड रोबोटिक्स’ कार्यशाला
- फोटो : अमर उजाला
क्या आप सोच सकते हैं कि एक दिन ऐसा आएगा जब रोबोट इंसान से भी ज्यादा तेज होगा। जी हां, 2029 तक रोबोट इंसान से भी ज्यादा स्मार्ट हो जाएगा। यह कहना है आईआईटी के प्रो. बिशाख भट्टाचार्या का। वह आईआईटी कानपुर में चल रही पांच दिवसीय ‘फंडामेंटल्स ऑफ बायो इंस्पायर्ड रोबोटिक्स’ कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
वैज्ञानिकों का अनुमानः 2029 तक मनुष्य से भी ज्यादा समझदार हो जाएंगे रोबोट
डेमो पिक
प्रो. बिशाख ने बताया कि पहले अनुमान था कि ऐसा होने में कम से कम साल 2040 तक इंतजार करना पड़ेगा लेकिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग में तेजी से विकास हो रहा है। इसे देखकर दुनिया भर के वैज्ञानिक अनुमान लगा रहे हैं कि साल 2029 तक रोबोट मनुष्य से भी ज्यादा समझदार हो जाएंगे। रिसर्च स्कॉलर अरविंद ने खुद के द्वारा तैयार किए गए एक रोबोट का प्रदर्शन किया।
सवाधानी से तैयार किए जाएं रोबोट तभी होगें इसके फायदे
डेमो पिक
कई लोग डर भी रहे हैं
प्रो. बिशाख ने कहा कि इंसान से भी तेज रोबोट होने की बातों से कई लोग डर भी रहे हैं। हालांकि सावधानी के साथ इन्हें तैयार किया जाएगा तो इसका फायदा हर किसी को होगा।
मशीनें अब अपने पुर्जे खुद बना रहीं
प्रो. विशाख ने बताया कि मशीनें इतनी स्मार्ट हो चुकी हैं कि वह गलती का अनुमान लगा सकती हैं। वह अब अपने पुर्जे खुद बना रहीं हैं और भविष्य में ये और भी पारंगत हो जाएंगी।
नैनो स्केल पर रोबोट कर रहे हैं काम
डेमो पिक
नैनो स्केल पर रोबोट कर रहे काम
जापान के क्यूशु इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रो. हिरोआकी वागात्सुमा ने ऐसे स्वचलित मोलिक्यूलर रोबोट के बारे में जानकारी दी जो नैनो स्केल पर किसी काम को अंजाम दे सकती है। इस रोबोट को सिंगल डीएनए स्ट्रैंड के उपयोग से विकसित किया गया है।
यह रोबोट किसी सतह के चारों ओर खुद चल सकता है और खास अणुओं को उठाकर तय किए गए स्थान पर पहुंचा सकता है। इसके विकास से उपचार और दवा देने के नए तरीकों का रास्ता खुल सकता है। यह रोबोट खून या किसी खास स्थान तक आराम से दवा पहुंचा सकता है। इससे दवा का असर शरीर के दूसरे हिस्सों पर नहीं पड़ता।