सहमति न देने पर सभी कार्य ठप हो गए
विभाग की तरफ से ठेकेदारों को नियम विरुद्ध तरीके से कार्य कराने की सहमति न देने पर सभी कार्य ठप हो गए। करीब चार माह बाद भी टेंडर जारी नहीं किए गए हैं। खराब सड़कों को लेकर कई बार जिला पंचायत सदस्यों ने मंडलायुक्त और शासन से शिकायत की, लेकिन आज तक न तो जांच हुई और न ही कोई कार्य शुरू हो सके।
7.86 करोड़ रुपये की लगी लाइटें भी खराब
जिला पंचायत कार्यालय ने बीते वर्ष 15वें वित्त से 7.86 करोड़ रुपये से स्ट्रीट, हाईमास्ट लाइटें लगाई थी। इसमें जिलेभर में 14 हजार स्ट्रीट लाइट, 294 हाईमास्ट लाइटें लगवाई गईं थी। ये एक माह बाद ही खराब होना शुरू हो गईं थी। इसकी शिकायत कई बार जिला पंचायत सदस्यों ने जिला प्रशासन से की थी लेकिन जांच दबा दी गई। चौबेपुर, बिल्हौर क्षेत्र में लगीं लगभग सभी स्ट्रीट लाइटें एक वर्ष में ही खराब हो गईं। उन्हें सही कराने वाला अब कोई नहीं है।
टेंडर प्रक्रिया में शासन ने कुछ बदलाव किया था, उस कारण कार्य शुरू नहीं हो सके हैं। जल्द ही टेंडर निकालकर कार्य शुरू करा दिए जाएंगे। -रवींद्र गुप्ता, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत