कानपुर। नगर निगम 15 वें वित्त आयोग की निधि से जो भी सीसी सड़कें और नाले बनवाएगा सभी आरएमसी प्लांट के माध्यम से ही बनेंगी। मुख्य अभियंता ने इस बाबत आदेश जारी किया है। महापौर ने इसकी निगरानी के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी में दो पार्षद और तीन अभियंता शामिल हैं।
मुख्य अभियंता एसएफए जैदी की तरफ से जारी आदेश के अनुसार नगर निगम में 15 वें वित्त आयोग के अंतर्गत आरएमसी प्लांट से सड़क, नाला निर्माण के लिए टेंडरों में चार नई शर्तें लगाई हैं। इसके तहत इसके तहत सीसी रोड, नाला निर्माण कार्यों के टेंडर डालने वाले ठेकेदार आरएमसी प्लांट से ही आरसीसी कार्य करेंगे। टेंडर डालने वाले ठेकेदार को आरएमसी प्लांट धारक के स्वामित्व धारक के स्वामित्व के प्रमाणपत्र लगाना पड़ेंगे। किराए या पट्टी पर ली गई एमएमसी (मशीनरी) के संबंध में प्लाट धारक स्वामित्व व किराएदार या पट्टाधारक के बीच पंजीकृत शपथपत्र होना अनिवार्य होगा और उसे टेंडर के साथ अपलोड किया जाएगा। शर्त यह भी है कि आरएमसी प्लांट नगर निगम मुख्यालय से 40 किलोमीटर के अंदर लगा होना चाहिए।
महापौर प्रमिला पांडेय ने टेंडर स्वीकृत करने से पहले ठेकेदारों की तरफ से दाखिल किए गए आरएमसी प्लांट के कागजों, प्लांट की क्रियाशीलता, स्थलीय निरीक्षण कर सत्यापन के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी में पार्षद आकर्ष वाजपेयी, आदर्श गुप्ता, जोन पांच के अधिशासी अभियंता कमलेश पटेल, जोन तीन के सहायक अभियंता योगराज सिंह यादव और उद्यान विभाग के अवर अभियंता बालेंद्र सिंह शामिल हैं।