आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे भीषण सड़क हादसा
- फोटो : अमर उजाला
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर रफ्तार और झपकी ने छह जानें ले लीं। पुलिस के अनुसार रात में जिस वक्त हादसा हुआ, उस समय बिहार की बस की रफ्तार करीब 100 किमी प्रति घंटा थी और फार्च्यूनर की रफ्तार 120 किमी प्रति घंटे से ऊपर थी।
बस के चालक को झपकी लगते ही बस अनियंत्रित होकर दूसरी दिशा में चली गई और फॉर्च्यूनर से टकरा गई। सवारियों से भरी बस दिल्ली से बिहार मुजफ्फरपुर जा रही थी। रात करीब एक बजे जब हादसा हुआ तो उस वक्त ज्यादातर यात्री गहरी नींद में थे।
मृतकों में शामिल सुरजीत ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में मनीष सिसोदिया के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ा था। बीएसपी से पूर्व पार्षद रह चुके हैं।
बस में सवार दिल्ली के रहने वाले दिलीप कुमार ने बताया कि वह मुजफ्फरपुर में बहन की शादी में शामिल होने के लिए निकले थे। बस की फार्च्यूनर से टक्कर होते ही तेज आवाज के साथ धमाका हुआ और बस फ्लाईओवर से करीब 20 फीट नीचे जा गिरी।
तेज झटकों के साथ वो बर्थ से नीचे गिरे और आंख खुली तो बस में महिलाओं, पुरुषों, बच्चों की चीख पुकार के अलावा कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा था। उन्हें कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था। सभी लोग एक दूसरे के ऊपर से होते हुए जान बचाने के लिए बस का दरवाजा खोजते रहे।
राहत कार्य शुरू होने केबाद यात्रियों को बाहर निकला जा सका। सूचना पर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। बिल्हौर सर्किल का फोर्स मौकेपर पहुंचा और राहत कार्य शुरू किया गया। क्षेत्र की सभी एंबुलेंसों के साथ यूपीडा की एंबुलेंसे भी घटनास्थल पर आ गईं। घायलों को बिल्हौर सीएचसी लाया गया। एक घायल का नाम बीना है। हाइवे से लेकर सीएचसी तक चीख पुकार मची रही।
दिल्ली के रहने वाले थे सभी मृतक
पुलिस ने फॉर्च्यूनर के नंबर से पता किया कि कार दिल्ली की रहने वाली सुनीता सिंह के नाम से दिल्ली आरटीओ में रजिस्टर्ड है।