फतेहपुर के औंग में कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर छिवली गांव के पास एक डंपर ने प्राइवेट बस में टक्कर मार दी। हादसे में नौ यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि तीन को मामूली चोटें आईं। टक्कर लगते ही हाईवे पर जाम लगना शुरू हो गया। पुलिस व एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को गोपालगंज सीएचसी पहुंचाया।
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जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। उधर, डंपर के चालक को पीटकर भीड़ ने पुलिस को सौंप दिया। डंपर को थाने में खड़ा कराया गया है। बांदा के बबेरू कस्बा निवासी चालक बबलू (45) करीब 40 यात्रियों को प्राइवेट बस में लेकर कानपुर के लिए निकला था।
औंग के छिवली गांव के पास कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर एक डंपर ने बस में टक्कर मार दी। हादसा होते ही बस यात्रियों में चीखपुकार मच गई। नौ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि तीन को मामूली चोटें आईं। घायलों में बस चालक भी शामिल है।
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हादसे के बाद स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े तो हाईवे पर भीड़ जमा होने से जाम लग गया। औंग इंस्पेक्टर अनूप सिंह फोर्स के साथ पहुंचे और एंबुलेंस बुलाई। घायलों को गोपालगंज सीएचसी ले जाया गया। जहां से उन्हें सदर अस्पताल भेजा गया है। एक घंटे तक हाईवे पर जाम लगा रहा।
यह हुए घायल
उमाशंकर पटेल (50), नीलम (45) पत्नी उमाशंकर, तमन्ना (16) पुत्री उमाशंकर निवासीगण बबेरू, अनिल कुमार (68) निवासी भभहा, बबेरू, कमलेश सिंह (32), बाबू सिंह (65) निवासी मर्का बांदा, मो. गुलशेर खान (90), यूसुफ खान (50) निवासीगण हरदौली, बबेरू, अनिल सिंह (24) निवासी मंडावा-बबेरू।
मदद में जुटे राहगीर
हादसा होते ही छिवली गांव के नरेंद्र गुप्ता, पिंटू, सत्यम, बबलू, प्रेम आदि ने यात्रियों को निकालने में पसीना बहाया। हादसे में बस का गेट व अधिकांश खिड़कियां क्षतिग्रस्त हो गईं। घायल यात्रियों को तिरपाल बिछाकर छांव में लिटाया।
हाईवे के कट प्वाइंट हादसों का बन रहे कारण
हाईवे पर बने कट प्वाइंट हादसों का कारण बन रहे हैं। छिवली गांव के पास बना कट प्वाइंट दुर्घटना बहुल है। कानपुर जनपद की सीमा से फर्राटा भरते वाहन पांडू नदी के पुल को पार कर इसी कट प्वाइंट से गुजरते हैं। यहीं से कौड़िया गला गांव को सड़क जाती है।
वाहनों को कट प्वाइंट पर घुमाने के चक्कर में हादसे हो रहे हैं। पांच साल पहले छिवली नदी के पास इसी तरह कट प्वाइंट पर बस व ट्रेलर की टक्कर में सात लोगों की जान चली गई थी। हाईवे प्राधिकरण की ओर से यहां पर दुर्घटना बहुल क्षेत्र का संकेतक भी नहीं लगाया गया है।