चाैधरी अजीत सिंह ने उठाया बुंदेलखंड राज्य का मुद्दा
राष्ट्रीय लोकदल अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह ने एक बार फिर से बुंदेलखंड राज्य बनाने का मुद्दा उठा दिया है। उन्हाेंने साफ कहा कि बिना राज्य बने बुंदेलखंड में तरक्की और खुशहाली नहीं आ सकती है। वह बांदा, चित्रकूट एवं महोबा में पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
नरैनी नें चौधरी अजित सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबको मन की बात बताई, लेकिन किसी के मन का काम नहीं किया। जनता के अच्छे दिन नहीं आए। सपा सरकार में बगैर रिश्वत किसी को नौकरी नहीं मिली। बसपा को करोड़ों देकर टिकट लेने वाले समाज का भला नहीं कर सकते। बुंदेलखंड राज्य की वकालत भी की। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने वादा किया था कि डा.स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट स्वीकार कर किसानों को 50 फीसदी फायदा देंगे, काला धन की वापसी, दो करोड़ युवाओं को हर साल नौकरियां और लोगों के बैंक खातों में 15 लाख देंगे, लेकिन ये सभी वादे पूरे नहीं हुे। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अलग बुंदेलखंड राज्य बनाए जाने की वकालत करते हुए बुंदेली मतदाताओं को रिझाने की भी कोशिश की। प्रत्याशी रमेशचंद्र कुरील (नरैनी) व रवींद्रनाथ गुप्ता (बांदा सदर) के पक्ष में वोट की अपील की। प्रदेश अध्यक्ष मकसूद अहमद, शारदा प्रसाद शुक्ला, खेंगर समाज राष्ट्रीय अध्यक्ष मलखान सिंह, जिलाध्यक्ष लाखन सिंह आदि मौजूद रहे। महोबा में चौधरी अजित सिंह ने कहा कि देश की खुशहाली का रास्ता गांव से होकर गुजरता है। भाजपा नफरत की राजनीति करती है। वहीं, सपा में समाजवाद नहीं परिवारवाद चल रहा है। यूपी में गुंडई और भ्रष्टाचार चरम पर है। इस,ी तरह चित्रकूट में आरोप लगाया कि सूट व जुमलों के शौकीन प्रधानमंत्री ने ढाई साल के शासन में जनता को गुमराह करने का क ाम किया है। जबसे उनकी सरकार आयी है, किसान परेशान हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने मुज्जफरनगर में दंगा फैलाकर 73 सीटें जीत ली थी। इस बार पश्चिम में उनका सफाया हो गया है।