बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बांदा में चुनावी सभा संबाेधित करते हुए तीन तलाक के मुद्दे पर भाजपा को आड़े हाथों लेकर सपा-कांग्रेस की दोस्ती पर भी तीखा प्रहार किया। बाेले, तीन तलाक पर तुम क्याें बाेल रहे हैं। हम मुस्लिम अापस में इस मामले का निस्तारण कर लेंगे। उन्हाेंने बसपा सरकार में हुए विकास कार्य गिनाकर प्रत्याशियों को जिताने और ‘बहिन जी’ को मुख्यमंत्री बनाने की अपील की।
मंगलवार को गायत्री मंदिर के पास पशु बाजार में हुई जनसभा में सिद्दीकी ने कहा कि सपा ने मुस्लिमों को सुरक्षा और आबादी के हिसाब से नौकरी देने का वादा किया था। यह सब झूठ का पुलिंदा निकला। यही हाल हिंदुओं के साथ हुआ। बेकसूर मुस्लिमों को जेल भेजा गया। 5 साल के कार्यकाल में लगभग 500 दंगे प्रदेश में हुए। जबकि बसपा सरकार में एक भी दंगा नहीं हुआ। अखिलेश कहते हैं काम बोलता है, तो फिर गठबंधन की जरूरत क्यों पड़ गई? जो अपने बाप और चाचा का नहीं हुआ वह जनता का क्या होगा। मुलायम असहाय नजर आ रहे हैं। 27 साल यूपी बेहाल का नारा देने वाली कांग्रेस ने सपा का साथ पकड़ लिया।
तीन तलाक के मामले में भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि यह हमारा (मुस्लिमों) मामला है हम आपस में निपटा लेंगे। आपसे यानी भाजपा से क्या लेना-देना है। राष्ट्रीय महासचिव ने यह भी कहा कि उनकी इज्जत दांव पर लगी है। बसपा प्रत्याशियों को जिताकर विधान सभा पहुंचाएं। बसपा की आंधी चल रही है।