कानपुर के मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित कांफ्रेंस में विशेषज्ञों ने घटिया मेक-अप सामग्री से आंखों को होने वाली एलर्जी पर चर्चा की। घटिया सौंदर्य के सामान और गहरा मेक-अप लगाने से महिलाओं को आंखों की एलर्जी हो सकती है। क्रीम, फाउंडेशन और दूसरे सौंदर्य के सामान से चेहरा दमकाने के चक्कर में महिलाओं की आंखों को दिक्कत बढ़ रही है। यूपी स्टेट ऑफ्थेलमोलोजिकल सोसाइटी (यूपीएसओएस) की कांफ्रेंस के अंतिम दिन सर गंगाराम हॉस्पिटल से आईं वरिष्ठ नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. टिंकू बाली ने बताया कि इसके साथ ही आंखों को आकर्षक बनाने के लिए लगाए जाने वाले रंग-बिरंगे लैंस का भी सावधानी से इस्तेमाल किया जाए। इससे पुतली में अल्सर हो सकता है।
डेमो पिक
कांफ्रेंस का आयोजन मेडिकल कॉलेज के सभागार में किया गया। इस मौके पर डॉ. बाली ने बताया कि फैशन के लिए कांटेक्ट लैंस का अधिक इस्तेमाल न करें। इससे आंखों का पानी सूखने के रोग ड्राई-आई का भी खतरा रहता है। महिलाएं मेक-अप के साथ रंग-बिरंगी कांटेक्ट लैंस भी बदलती हैं। इससे संक्रमण हो जाता है। उन्होंने बताया कि गाढ़े मेक-अप और कांटेक्ट लैंस की वजह से आंखों की एलर्जी के रोगी बढ़े हैं। इनका इस्तेमाल सावधानीपूर्वक करना चाहिए।
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इसके अलावा बहुत सी महिलाएं आंखों के किनारों पर आने वाली झुर्रियों के लिए बुटाक्स दवा का इंजेक्शन लगवा लेती हैं। इससे मांसपेशियों में खिंचाव आता है और झुर्रियां खत्म हो जाती हैं। इससे भी आंखों को नुकसान होता है। इस मौके पर यूपीएसओएस के अध्यक्ष डॉ. कंवलजीत सिंह ने बताया कि थर्ड नर्व में गड़बड़ी से मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और पलकें गिरने लगती हैं। इसके लिए अब इंप्लांट आ गया है।