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पटाखों के धुएं, धमाके और केमिकल से बचाएं आंखें, इन बातों का भी ध्यान रखना जरूरी

Mon, 05 Nov 2018 11:04 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

- बारूद के धुएं से पुतली पड़ सकती है सफेद
- आंखों में जलन पर न करें नीम-हकीमी, डाक्टर को दिखाएं
 
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कानपुर स्थित मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित यूपी स्टेट ऑफ्थेलमोलोजिकल सोसाइटी (यूपीएसओएस) कांफ्रेंस आयोजित हुई। इसमें आए विशेषज्ञों ने बताया कि दिवाली में बच्चों और बड़ों सभी को पटाखों के धुएं, धमाके और गर्मी से अपनी आंखों को बचाना चाहिए। उनका कहना है कि अक्सर लोग पटाखे जलने पर धुएं और गर्मी का तो ख्याल रखते हैं, लेकिन ब्लास्ट पर ध्यान नहीं देते। इससे आंखों को नुकसान होता है। इस संबंध में यूपीएसओएस के निवर्तमान अध्यक्ष डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि मेकेनिकल फोर्स से आंखों में धमक, धमाके के छर्रे पहुंचते हैं, जो आंखों को चोट पहुंचाते हैं। बेहतर है कि प्रकाश पर्व पर ऐसे पटाखे जलाएं, जिनमें प्रदूषण और धमाका कम हो।
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यूपीएसओएस के समापन अवसर पर डॉ. गुप्ता, डॉ. कंवलजीत सिंह, डॉ. टिंकू बाली, डॉ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि पटाखों के जलाने से आंखों को तीन तरह से नुकसान हो सकता है। एक तो इसके धमाके में केनिकल फोर्स निकलती है, दूसरा बारूद का धुआं नुकसान करता है। आंखों में जाने से केमिकल रिएक्शन होता है। इससे आंखों की कोशिकाओं में सूजन आ जाती है। अगर अंदर तक केमिकल गया, तो आंखें भी जा सकती हैं। पुतली सफेद पड़ सकती है। इसके अलावा आंखों को पटाखों की हीट से नुकसान होता है। इससे पुतली और पलकें जल सकती हैं। इससे रेटिना भी प्रभावित हो सकता है। डॉक्टर्स ने बचाव के तरीकों के साथ बताया कि आंखों को अधिक मलें नहीं, पानी से धो लें और आंखों के डॉक्टर को दिखाएं।
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