घटनास्थल पर जांच करते एसआई व सर्विलांस टीम के सदस्य
- फोटो : अमर उजाला
यूपी के उन्नाव में रिक्शा चालक की हत्या कर शव लखनऊ-कानपुर हाईवे से कुछ दूर नहर किनारे फेंक दिया गया। गुरवार सुबह लोगों ने शव देखा तो सूचना पुलिस को दी। कोतवाल ने फील्ड यूनिट के साथ मौके पर जांच की। तलाशी में उसकी जेब से मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान हुई। मृतक मूल रूप से सीतापुर जिले के मिश्रिख का रहना वाला था। वह मोहल्ला कब्बाखेड़ा स्थित एक रिक्शा कंपनी से रिक्शा लेकर चालाता था। उसका रिक्शा भी गायब है। देर शाम कोतवाली में भाई की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला कसने के साथ ही उसके सिर और चेहरे पर वजनी हथियार से वार भी किए गए हैं। उसे जहर भी खिलाया गया है। शव के पास जहर की डिब्बी भी मिली है।
सीतापुर जिले के थाना मछरेटा मिश्रिख के गांव मुुसौली निवासी रामेंद्र पासवान (40) पुत्र गोकरन शहर के मोहल्ला कब्बाखेड़ा स्थित आरके रिक्शा कंपनी से किराए पर रिक्शा लेकर चलाता था। वह करीब सात साल से यहां रह रहा था। एक-दो महीने में वह अपने घर भी जाता था। बुधवार सुबह करीब सात बजे वह रिक्शा लेकर निकला लेकिन गुरुवार सुबह तक नहीं लौटा। रिक्शा कंपनी में काम करने वाले मिस्त्री हरदोई के बेनीगंज निवासी भारत ने ई-रिक्शा से उसकी कई जगह तलाश की लेकिन पता नहीं चला। बुधवार रात में ही मिस्त्री ने चालक के रिक्शा सहित लापता होने की जानकारी पुलिस को दी थी।
गुरुवार सुबह लखनऊ-कानपुर हाईवे से कुछ दूर हुसैन नगर गांव के पास नहर किनारे युवक का शव पड़ा होने की सूचना मिली। कोतवाल अरुण द्विवेदी, ललऊखेड़ा चौकी इंचार्ज जितेंद्र यादव डाग स्क्वाएड और सर्विलांस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को मृतक के गले में गमछा लिपटा मिला इससे उसका गला घोटने की पुष्टि हुई।