कानपुर के नवाबगंज क्षेत्र में बुधवार की सुबह सेवानिवृत्त एयरफोर्स कर्मी ने अच्छी नौकरी न मिलने तनाव में लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय पत्नी बर्तन साफ कर रही थीं, जबकि बेटा दूसरे कमरे में ईयर बड्स लगाकर पढ़ाई कर रहा था। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।
मूल रूप से फर्रुखाबाद के कंपिल क्षेत्र के रहने वाले हरेंद्र कुमार सिंह (48) पत्नी रीना भदौरिया और बेटे साहिल के साथ मैनावती मार्ग स्थित श्याम कृपा इस्टेट में किराये पर रह रहे थे। उन्हें एयरफोर्स से सार्जेंट के पद पर सेवानिवृत्त होने के बाद से अच्छी नौकरी की तलाश थी।
करीब एक महीने से चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में गार्ड के पद पर तैनात थे। बुधवार की सुबह हरेंद्र सैर से वापस आकर कमरे में चले गए। करीब पौने नौ बजे उन्होंने लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक से गले में गोली मारकर जान दे दी।
पत्नी रीना उस समय बर्तन धो रही थीं। उन्हें लगा बाहर किसी ट्रक का टायर फट गया है। लगभग डेढ़ घंटे बाद बेटा जब पिता को जगाने के लिए कमरे में दाखिल होने लगा तो दरवाजा अंदर से बंद मिला।