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Kanpur News: रेस्टोरेंट में खाना हुआ महंगा तो ग्राहक गायब, 15 प्रतिशत गिरा कारोबार

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कानपुर। गैस कंपनियों ने कॉमर्शियल सिलिंडर के दाम बढ़ा दिए हैं। होटल, मिठाई, रेस्टोरेंट संचालकों ने खाद्य उत्पादों के दाम बढ़ाए तो ग्राहक कम हो गए और कारोबार में 10-15 प्रतिशत की गिरावट भी आ गई है। संचालकों का कहना है कि उत्पादों के दाम बढ़ाओ तो ग्राहक आना बंद कर रहे हैं। ऐसे तो काम-धंधा ही खत्म हो जाएगा। सरकार को सिलिंडर के दाम घटाने चाहिए।
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शहर में 19 किलो वाला कॉमर्शियल सिलिंडर बमुश्किल मिल रहा है। दाम बढ़ने के बाद ब्लैक में यह और महंगा हो गया है। ऐसे में मिठाई कारोबारियों ने मिठाई समेत अन्य खाद्य उत्पादों के भाव 10-20 प्रतिशत तक बढ़ा दिए हैं। अब होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा संचालकों ने भी दाम बढ़ा दिए हैं। 300 रुपये वाली भोजन थाली के दाम 320-325 रुपये कर दिए गए हैं। 140 रुपये में मिलने वाला डोसा अब 150-160 में मिल रहा है। शहर में प्रतिदिन 50 करोड़ रुपये का दैनिक खानपान का कारोबार है जिसमें अब 10-15 प्रतिशत की गिरावट देखी जा रही है। कानपुर होटल, गेस्ट हाउस, स्वीट्स और रेस्टोरेंट एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष श्यामलाल मूलचंदानी का कहना है कि होटलों, रेस्टोरेंटों और ढाबा संचालकों ने उत्पादों के दाम 20 प्रतिशत तक बढ़ाए हैं। मिठाई और अन्य पदार्थों के दाम पहले ही बढ़ गए हैं।


बातचीत

मिठाई, रेस्टोरेंट संचालकों को इतनी मुश्किल से कॉमर्शियल सिलिंडर मिल रहा है। यह बात ग्राहक नहीं समझता है। इस समय कारोबार वैसे ही शाम को मिल रहा था। उत्पादों के दाम बढ़ने से ग्राहकों ने उत्पाद खरीदना कम कर दिया है। कारोबारियों की लगातार मुश्किलें बढ़ रही हैं। -मयंक गुप्ता, मिठाई और रेस्टोरेंट संचालक
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जो भोजन थाली पहले 300 रुपये की थी, अब 320 से 325 रुपये की हो गई है। 140 वाला डोसा 150-160 में हो गया है। कॉमर्शियल सिलिंडर इतना महंगा हो गया है कि हर दिन की लागत निकालना मुश्किल हो रहा है। उत्पाद महंगा होने से ग्राहक कम हो गए हैं। -अंकित गुप्ता, मिठाई और रेस्टोरेंट संचालक


छोटू सिलिंडर महंगा होने से हॉस्टल के छात्र परेशान
कानपुर। गैस कंपनियों ने कॉमर्शियल सिलिंडर के साथ ही पांच किलो वाला सिलिंडर भी महंगा कर दिया है। अप्रैल में इसके दाम 554 रुपये थे जो अब बढ़कर 815.50 रुपये हो गए हैं। इससे शहर के अलग-अलग हिस्सों में हॉस्टल और किराये के कमरे में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र परेशान हैं। वे अब अपने घर वापसी की योजना भी बना रहे हैं। शहर में रहकर लखनपुर में रहने वाले प्रतियोगी छात्र अनुराग पांडेय ने बताया कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हूं। बाहर का खाना नहीं खाता हूं। पांच किलो वाले सिलिंडर से काम चल जाता था। अब इसके दाम 815 रुपये से ज्यादा हो गए हैं। पहले इसके दाम 554 रुपये थे। यहां रहने का खर्च लगातार बढ़ रहा है। कल्याणपुर में रहने वाले देवांश त्रिपाठी ने बताया कि हम कुछ दोस्त एक किराये के कमरे में रहकर पढ़ाई करते हैं। छोटे सिलिंडर से हर दिन अलग-अलग खाना बना लेते थे। अब इसके दाम भी बहुत बढ़ गए हैं। इससे खर्च और बढ़ गया है। अब हम लोग अपने घर वापस जाने के बारे में सोच रहे हैं।
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