कानपुर। भाई-बहन के अटूट प्रेम का त्योहार रक्षाबंधन नजदीक आते ही राखी का थोक बाजार गुलजार हो गया है। इस बार बाजार में रेजिन और मारवाड़ी राखियों की सबसे अधिक मांग है। रेशम के धागों से सजी श्रीराम, ओम, भाई-बहन लिखी और चंदन की खुशबू वाली राखियां लोगों को खूब पसंद आ रही हैं। बच्चों के लिए लॉलीपॉप, स्माइली और खिलौनों वाली राखियां विशेष आकर्षण बनी हुई हैं।
इस बार रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। इसके लिए गया प्रसाद लेन समेत शहर के थोक बाजारों में तैयारियां तेज हैं। यहां बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां राखियां बनाने में जुटी हैं जिससे उन्हें रोजगार भी मिल रहा है। शहर में तैयार होने वाली राखियां प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में भेजी जाती हैं। कारोबारियों को इस बार 20 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार की उम्मीद है। पहले शहर में बड़ी मात्रा में चीन से राखियां आती थीं लेकिन अब वोकल फॉर लोकल के चलते कोलकाता और अहमदाबाद से कच्चा माल मंगाकर शहर में ही राखियां तैयार की जा रही हैं।
बातचीत
गया प्रसाद लेन में पहले राखियों की ट्रेडिंग होती थी लेकिन अब कच्चा माल लाकर यहीं राखियां बनाई जा रही हैं। बाजार में अब पूरी तरह देसी राखियां बिक रही हैं। चीन की राखियों का बाजार खत्म हो चुका है और थोक बिक्री शुरू हो गई है। - विकास विश्नोई, कारोबारी
बच्चों के लिए लॉलीपॉप राखियां तैयार कराई गई हैं। रेजिन और मारवाड़ी राखियों की सबसे ज्यादा मांग है। चंदन की महक वाली राखियों के साथ श्रीमद्भागवत, श्रीराम, ओम और भाई-बहन लिखी राखियां भी ग्राहकों को खूब पसंद आ रही हैं। - रुचि, कारोबारी