पब्लिक की जरूरतों को पूरा करने के लिए रिजर्व बैंक ने अपने दरवाजे बंद कर दिए हैं। यहां सोमवार से करेंसी बदलने का काम ठप है। नोट बदलने की उम्मीद में यहां पहुंच रहे लोगों को टका सा जवाब दिया जा रहा है कि जिस शाखा में खाता है वहां जमा करें। रिजर्व बैंक के इस जवाब से वे लोग परेशान हैं जिनका किसी बैंक में खाता नहीं है। या फिर वे लोग जो किसी दूसरे शहर से यहां आए हैं और रुपये नहीं निकाल पा रहे हैं।
दरअसल, पब्लिक डीलिंग वाले अधिकतर बैंकों ने नोट बदलने का काम पहले ही बंद कर दिया है। शहर में 10 फीसदी एटीएम ही चल रहे हैं। इस वजह से शहर के सैकड़ों लोग न तो जरूरत के लिए रुपये निकाल पा रहे हैं और न ही बदलवा पा रहे हैं।
फूलबाग मैदान में गर्म कपड़ों की मार्केट लगाए तिब्बती सानेज बताते हैं कि शनिवार तक यहां नोट बदले जा रहे थे। पता चला तो सोमवार और मंगलवार को यहां आए लेकिन लौटा दिया गया। उनका यहां खाता नहीं है। एटीएम चल नहीं रहे, एक एक रुपये के लिए परेशान हैं। बता दें कि नोट बंदी के बाद हजार व पांच सौ के नोट बदलवाने के लिए रिजर्व बैंक ने दो काउंटर लगाए थे।