गरीब सवर्णों को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) में पूरे दस प्रतिशत आरक्षण पाने के लिए एक वर्ष और इंतजार करना पड़ेगा। इंस्टीट्यूट प्रशासन ने इस बार केवल चार प्रतिशत ही आरक्षण लागू करने का फैसला लिया है। इसके तहत इंस्टीट्यूट में बीटेक, एमटेक, एमएस और पीएचडी की दस प्रतिशत सीटें बढ़ाई जाएंगी।
मंगलवार को यह फैसला बोर्ड ऑफ गवर्नेंस (बीओजी) की बैठक में लिया गया। तय हुआ कि गरीब सवर्णों का दस प्रतिशत आरक्षण दो चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में चार प्रतिशत और दूसरे चरण में शेष छह प्रतिशत आरक्षण को लागू किया जाएगा।