आईआईटी कानपुर संग देश के सभी शिक्षण संस्थानों में रिसर्च फेलोशिप की धनराशि बढ़ाने की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। छात्रों ने 21 दिसंबर को अपनी मांगों को लेकर देशव्यापी हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया है। रविवार को डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी) सचिव प्रो. आशुतोष शर्मा ने एक बयान जारी करके छात्रों से अपील की है कि वह कोई गलत कदम न उठाएं।
विज्ञापन
2 of 5
डेमो पिक
प्रो. शर्मा ने छात्रों को आश्वासन दिया कि फेलोशिप बढ़ाने की प्रक्रिया पूरी होने वाली है और जल्द ही इसका सकारात्मक परिणाम आएगा। हालांकि छात्रों ने प्रो. शर्मा के आश्वासन को कोरा बताते हुए आंदोलन जारी रखने का फैसला लिया है। छात्रों ने कहा कि अगर सरकार चाहती है कि आंदोलन रोका जाए तो पहले वे फेलोशिप बढ़ाने की तिथि बताएं।
विज्ञापन
3 of 5
डेमो पिक
प्रोफेसर बोले, पांच साल बाद भी मिले फेलोशिप
रिसर्च स्कॉलर की मांगों के समर्थन में आईआईटी कानपुर के सीनियर प्रोफेसर डॉ. अमिताभ बंदोपाध्याय भी उतर आए हैं। उन्होंने ट्वीट करके डीएसटी सचिव प्रो. आशुतोष शर्मा से मांग की है कि पांच साल बाद रिसर्च स्कॉलर को सरकार से फेलोशिप मिलनी बंद हो जाती है, ऐसी परिस्थिति में छात्रों को उसके रिसर्च गाइड के प्रोजेक्ट से फेलोशिप दिलाने का प्रावधान किया जाए।
4 of 5
डेमो पिक
ये हैं छात्रों की मांगें
छात्र एमटेक, एमडेस, एमफिल में फेलोशिप की धनराशि 12400 की बजाय 23000, जूनियर रिसर्च फेलो (जेआरएफ) में 25000 की बजाय 45000, सीनियर रिसर्च फेलो (एसआरएफ) में 28000 की बजाय 55000 और रिसर्च एसोसिएट में 36000 रुपये मासिक की बजाय 65000 रुपये मासिक की बढ़ोतरी चाहते हैं।
छात्रों की समस्याएं सुनने को बने पोर्टल
आईआईटीयंस ने मांग की है कि फेलोशिप हासिल करने वाले छात्रों के साथ तमाम तरह की समस्याएं आती हैं। इससे निजात पाने के लिए छात्र इधर-उधर भटकने को मजबूर रहता है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है। इसलिए सरकार को चाहिए कि वह छात्रों की समस्याओं के निस्तारण के लिए ऑनलाइन पोर्टल तैयार करे।