कानपुर। वीआईपी रोड पर रविवार दोपहर तेज रफ्तार लैंबोर्गिनी कार से हुए हादसे के बाद पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। यह रिपोर्ट पीड़ित तौफीक की तहरीर पर ग्वालटोली थाने में दर्ज की गई। विवेचना में सामने आया कि कार तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा का बेटा शिवम मिश्रा चला रहा था। वहीं, हादसे के बाद पुलिस ने कार सीज कर दी है और मामले में लापरवाही बरतने वाले ग्वालटोली इंस्पेक्टर संतोष गौड़ को कमिश्नर ने लाइन हाजिर कर दिया है।
आर्यनगर निवासी केके मिश्रा तंबाकू के बड़े कारोबारी हैं। उनके पास दिल्ली नंबर पर पंजीकृत लेंबोर्गिनी कार है। रविवार दोपहर उनका बेटा शिवम मिश्रा अपनी इसी कार से फर्राटा भरते हुए वीआईपी रोड से ग्रीन पार्क की ओर जा रहा था। रिंग वाला चौराहा के कार बेकाबू हो गई और सड़क किनारे खड़ी ऑटो, बुलेट में टक्कर मारने के बाद फुटपाथ पर चढ़ गई थी। हादसे में फुटपाथ पर खड़े होकर दोस्त का इंतजार कर रहे चमनगंज निवासी मो. तौफीक अहमद के पैर में चोट आई थी। वहीं, बुलेट सवार खलासी लाइन निवासी विशाल त्रिपाठी और सोनू त्रिपाठी भी जख्मी हो गए थे। चालक के निजी सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें कार का शीशा तोड़कर निकाला था और निजी अस्पताल ले गए थे। सुरक्षा कर्मियों ने कार मालिक की पहचान छिपाने के लिए नंबर प्लेट भी तोड़ने की कोशिश की थी। ग्वालटोली पुलिस कार को ग्वालटोली थाने ले गई थी। मामले में इंस्पेक्टर संतोष गौड़ ने तत्काल कार चालक का पता लगाने व कार्रवाई करने में लापरवाही बरती जिस पर उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया।
हादसे की जांच करने सोमवार दोपहर ग्वालटोली पुलिस तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के आर्यनगर स्थित घर पहुंची जहां पुलिस कर्मी करीब एक घंटे तक दरवाजा खटखटाते रहे लेकिन कोई खोलने नहीं आया। इसके बाद पुलिस कर्मी यह कहते हुए लौट गए कि परिवार दिल्ली में रहता है तो वहां जाकर पूछताछ की जाएगी।
कोट:
अज्ञात चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। हालांकि, विवेचना में शिवम मिश्रा का नाम सामने आने के बाद उसका नाम जोड़ा गया है। परिजनों ने इलाज चलने की बात कही है। उनसे मेडिकल रिपोर्ट मांगी गई है। ग्वालटोली थाना प्रभारी को लाइन हाजिर किया गया है।
रघुबीर लाल, पुलिस कमिश्नर