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यहां जाली नोट जमा करने पर बैंक मैनेजर और कैशियर पर रिपोर्ट, आप भी रखें इन बातों का ध्यान

Tue, 07 Aug 2018 04:39 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

- नोट बंदी के दौरान जमा किए गए थे 68 हजार के जाली नोट
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विस्तार
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यूपी के औरैया जिले की बिधूना स्टेट बैंक शाखा में नवंबर 2016 में नोट बंदी के बाद जमा किए गए 68 हजार के नोट जाली पाए गए हैं। इस मामले में तत्कालीन मैनेजर और कैशियर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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रिपोर्ट रिजर्व बैंक कानपुर दावा अनुभाग निर्गत विभाग के प्रबंधक की तहरीर पर दर्ज की गई है। पुलिस को दी तहरीर में बताया गया है कि नोटबंदी के बाद स्टेट बैंक शाखा बिधूना से उनके कार्यालय को जो खजाना जमा कराया गया था, उस खजाने की जांच में नवंबर 2017 में भारी संख्या में जाली नोट पाए गए।

 

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शक होने पर रिजर्व बैंक की ओर से पांच सौ के 68 व एक हजार के 34 नोटों पर लिखे नंबरों की सूची बनाकर जांच महाप्रबंधक बैंक नोट प्रेस देवास मध्य प्रदेश भेजी गई थी। जांच रिपोर्ट आने पर उक्त सभी नोट जाली पाए गए।

जाली नोटों का विवरण एनसीआरबी की साइड पर अपलोड कर दिया गया है। भारतीय मुद्रा के जाली नोटों का मुद्रण और परिचालन भारतीय दंड सहिता की धारा 489 ए से 489 ई तक के अंतर्गत अपराध है।
 
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कोतवाली पुलिस ने बताया कि उक्त डिटेल प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक बिधूना सत्य कुमार के द्वारा उपलब्ध कराया गया है। तहरीर के आधार पर कोतवाली बिधूना में तत्कालीन बैंक मैनेजर व तत्कालीन कैशियर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

इस संबंध में कोतवाली इंस्पेक्टर अखिलेश मिश्रा ने बताया कि तहरीर मिलने पर मामला दर्ज कर इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
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