इस मामले में वह भी गवाह है। उसने कोर्ट में पूर्व मंत्री की जमानत याचिका का विरोध किया। यह सुनवाई 13 सितंबर को हुई थी। कोर्ट ने 25 सितंबर अगली सुनवाई रखी है। कोर्ट ने बांदा डीआईजी को उसकी सुरक्षा का आदेश दिया था। जमानत न मिलने पर गायत्री के बेटे अनिल प्रजापति ने सबक सिखाने की धमकी दी। सुरक्षा की मांग के लिए वह कानपुर से शनिवार को बांदा जा रही थी।
बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के कोरवां के पास कार रुकवाकर वह नीचे उतरी थी तभी पीछे से दूसरी कार आकर रुकी। कार चालक ने बांदा का रास्ता पूछा। उसी कार से पीछे का गेट खोलकर अनिल प्रजापति, अभिषेक तिवारी निवासी आशियाना लखनऊ समेत पांच लोग उतरे। कार के अंदर घसीट ले गए। छेड़खानी करने लगे। उसका फोन तोड़ दिया। आपस में उसकी हत्या की चर्चा करते हुए गला दबाने लगे।
उसे कार में छटपटाते देखकर वहां से गुजर रहे बाइक सवार रुके। आरोपी बाइक सवारों को देखने लगे और वह गेट खोलकर कार से निकल भागी। उन लोगों ने पकड़ने का प्रयास किया। राहगीरों की आवाजाही से सफल नहीं हो सके। आरोपी बांदा की ओर चले गए। वह वापस कानपुर चली गई। सीओ अभिषेक तिवारी ने बताया कि मामले में अनिल प्रजापति, अभिषेक तिवारी, समेत पांच के खिलाफ धमकी, छेड़खानी, मारपीट की एफआईआर दर्ज की गई है। घटना की जांच की जा रही है।