हरदोई जिले में शिक्षा विभाग के प्रधान लिपिक के एसटीएफ की गिरफ्त में आने के बाद अंजलि नाम की फर्जी शिक्षिका के जनपद में रहने की पुष्टि हुई है। शिक्षिका के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। चार लाख 38 हजार रुपये की वसूली की जाएगी।
पिछले दिनों फर्जी अभिलेखों के आधार पर अनामिका प्रकरण में एसटीएफ ने खुलासा किया था। जिले में शिक्षा विभाग में प्रधान लिपिक के पद पर तैनात रामनाथ (वर्तमान में जीआईसी पाली से संबद्ध थे) को गिरफ्त में लेकर इस गिरोह का साथी बताया गया था।
अंजलि नाम की युवती को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शिक्षिका के पद पर नियुक्ति दिलाने की बात बताई गई। अभिलेख खंगालने पर पाया गया कि अंजलि नाम की शिक्षिका जिले में तैनात रही थी। अंजलि पुत्री रामलड़ैते की नियुक्ति गृह विज्ञान की पार्ट टाइम शिक्षिका के पद पर कस्तूरबा विद्यालय सुरसा में 11 जून 2011 को हुई।