कारगिल विजय दिवस के मौके पर देश समेत कानपुर शहर का आम-ओ-खास दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहीद हुए सैनिकों को नमन करता है। मेजर सलमान की शहादत पर भी सभी को ताउम्र फख्र रहेगा। सलमान 2005 में आतंकियों से मोर्चा लेते हुए शहीद हुए थे।
कारगिल युद्ध 1999 में हुआ था। 26 जुलाई 1999 को भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे से अपनी जमीन वापस लेकर विजय पताका फहराई थी। परिजनों का कहना है कि जब-जब कारगिल विजय दिवस आता है, तो उन्हें सलमान की जीत का एहसास होता है। सलमान के जन्मदिन या बरसी पर भी आंखें नम होती हैं लेकिन फख्र महसूस होता है। यही वजह है उनके परिवार में शहीद मेजर सलमान की तरह एक और सलमान तैयार हो रहा है। मेजर सलमान के बड़े भाई इकरार अहमद खान ने अपने बेटे का नाम भी सलमान अहमद खान रखा है। भाई मेजर सलमान की शहादत के बाद पैदा हुए अपने बेटे को मेजर सलमान की तरह बनाना चाहते हैं।