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Kanpur News: जीएसटी अपील अधिकरण में कारोबारियों को राहत, हिंदी अनुवाद की अनिवार्यता छह माह टली

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कानपुर। जीएसटी अपील अधिकरण ने कारोबारियों को बड़ी राहत दी है। अधिकरण ने दस्तावेजों के हिंदी अनुवाद अपलोड करने की अनिवार्यता को फिलहाल छह माह के लिए टाल दिया है। यह निर्णय उन मामलों में लागू होगा जहां अधिकरण पीठ के सदस्य हिंदी भाषा समझते हैं।
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मर्चेंट चैंबर आफ उत्तर प्रदेश की जीएसटी कमेटी के चेयरमैन संतोष कुमार गुप्ता ने बताया कि यह राहत अधिकरण की प्रधान पीठ नई दिल्ली द्वारा एक प्रतिवेदन के जवाब में दी गई है। जीएसटी द्वितीय अपील अधिकरण पीठ के समक्ष अपीलें ऑनलाइन पोर्टल पर दाखिल करने की व्यवस्था निर्धारित की गई है। पहले, जीएसटी विभाग द्वारा जारी नोटिस, कारोबारी के जवाब और पारित आदेश यदि हिंदी या अन्य भाषा में होते थे। तो अधिकरण नियमावली के अनुसार उनका अंग्रेजी अनुवाद अपील के साथ अपलोड करना अनिवार्य था। इन औपचारिकताओं को देखते हुए कारोबारियों ने जीएसटी परिषद और अधिकरण पीठ के अध्यक्ष के समक्ष प्रतिवेदन प्रस्तुत किए थे।
प्रधान पीठ के अध्यक्ष ने इन समस्याओं के समाधान के लिए एक समिति का गठन भी किया था। उन्होंने बताया कि सुनवाई प्रक्रिया का सरलीकरण करने के लिए पीठों का गठन किया गया है। 14 मई को जीएसटी अधिकरण पीठ नई दिल्ली ने आदेश जारी किया गया है। इसके तहत जीएसटी की पीठों का गठन किया गया है। उनके द्वारा की गई सुनवाई के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के लिए तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। किस पीठ में किस सदस्य द्वारा किस श्रेणी के वाद की सुनवाई की जानी है। इसका भी निर्धारण कर दिया गया है। वर्चुअल अथवा हाइब्रिड मोड में सुनवाई उस प्रदेश के उपाध्यक्ष सदस्य द्वारा कराए जाने हेतु उन्हें अधिकृत किया गया है। यह व्यवस्था सुनवाई को अधिक सुलभ और कुशल बनाएगी।
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