फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'हर आंख अश्कबार है, हर दिल सोगवार', किस्सा देश के पहले जनसंघ सांसद और अटल से जुड़ा

Thu, 16 Aug 2018 11:56 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
बांदा के रामलीला मैदान में जनसभा में आए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
भारत रत्न तथा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रति बुुंदेलखंडियों में भी बेहद सम्मान रहा। अटल जी एक बार बांदा आए थे। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी जीतू बताते हैं कि उनके पिता रामरतन शर्मा 1971 में भारतीय जन संघ से लोकसभा का चुनाव लड़े थे। देश में वे पहले जनसंघ के सांसद हुए।
विज्ञापन


रामरतन शर्मा को दिल्ली में सांसद के रूप में आवास नहीं आवंटित हुआ था। अटल जी ने उन्हें संसद भवन स्थित जनसंघ कार्यालय में लंच पर बुलाया। उनके साथ जीतू भी थे। अटल जी ने गजक खिलाई और कहा कि पंडित पंत मार्ग पर स्थित 9 नंबर बंगला उन्होंने अर्थशास्त्री नारायण स्वरूप को दे दिया था।

खुद रायसीना रोड पर 6 नंबर बंगले पर आ गए हैं। इसके बाद अटलजी रामरतन शर्मा को पंत मार्ग स्थित बंगले पर ले गए और नारायण स्वरूप से परिचय कराया। उन्हें बंगला रहने को दे दिया। साथ ही उनको लोकसभा में उप सचेतक भी नियुक्त कर दिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

हर आंख अश्कबार है

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के साथ अशोक त्रिपाठी जीतू - फोटो : अमर उजाला
जीतू ने बताया कि 1974 में अटल जी बांदा आए। रामलीला मैदान में उनकी विशाल जनसभा हुई थी। रामरतन शर्मा (अब स्वर्गीय) उस समय सांसद थे। यहां आते ही अटल जी ने जीतू को भी पहचान लिया। युवाओं ने उनकी अगवानी की। जीतू बताते हैं कि अटल जी 1986 में चित्रकूट भी आए थे। वे बेहद सरल स्वभाव के थे। 



शिक्षणेत्तर संघ ने शोक जताया 
बांदा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षणेत्तर संघ की मंडलीय यूनिट ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर गहरा शोक जताया है। मंडल मंत्री मंगल सिंह ने कहा है कि चित्रकूटधाम मंडल के माध्यमिक विद्यालय कर्मियों द्वारा 17 अगस्त को मंडलायुक्त कार्यालय में प्रस्तावित धरना अटल जी के निधन के शोक में स्थगित कर दिया गया है। ब्यूरो


हर आंख अश्कबार है
अधिवक्ता और लेखक कैलाश मेहरा (सिविल लाइन) ने अटल जी के निधन पर इन पंक्तियों पर श्रद्धांजलि दी है- न भूतो न भविष्याति, अटल विचारधारा का अटल ध्रुवतारा बन गया। हर आंख अश्कबार है, हर दिल सोगवार है। ओम शांति: शांति: शांति:।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें