कानपुर। अधिवक्ता राजाराम हत्याकांड की अग्रिम विवेचना जारी है। विवेचना रोकने और गिरफ्तारी पर रोक की मांग को लेकर राजाराम की बहू रेखा वर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका डाली है। इस पर अभी सुनवाई बाकी है। वहीं, पुलिस ने शुक्रवार को अधिवक्ता जितेंद्र सिंह को चेक से जुड़े सवालों की पूछताछ के लिए बुलाया था। हालांकि, जरूरी काम से बाहर जाने की बात कहकर वह नहीं पहुंचे।
विवेचक कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश पांडेय ने बताया कि स्टेट बैंक कर्मी रेखा वर्मा राजाराम के छोटे बेटे शिवाजी की पत्नी हैं। सितंबर 2016 को शिवाजी का बीमारी से निधन हो गया। रेखा ने 26 दिसंबर 2018 को दो अधिवक्ताओं शारदानगर क्यू ब्लॉक निवासी मनोज सक्सेना और नवाबगंज के सुक्खूपुरवा निवासी जितेंद्र कुमार सिंह को 2.12 हेक्टेयर जमीन का एग्रीमेंट किया था। इन एग्रीमेंट ने राजाराम के परिवार में तनाव बढ़ा दिया था। बाद में 22 दिसंबर 2021 को घर के दरवाजे पर शूटर ने राजाराम ने गोली मारकर हत्या कर दी।
आरोप है कि रेखा वर्मा ने हत्याकांड के बाद भी अधिवक्ताओं और अन्य लोगों को जमीन का एग्रीमेंट किया। विवेचक ने बताया कि पुलिस ने पूछताछ के लिए रेखा वर्मा को बुलाया था। वह सामने नहीं आईं। उनकी तलाश में टीम मुंबई भी गई थी जहां वह अपने फ्लैट पर नहीं मिलीं। कार्यस्थल पर भी संपर्क किया गया लेकिन उनके बारे में कुछ पता नहीं चला। अब सूचना मिली है कि उन्होंने हाईकोर्ट में अग्रिम विवेचना बंद करने और गिरफ्तारी से बचने की मांग को लेकर याचिका दायर की है। इस पर शुक्रवार को सुनवाई होनी थी जो नहीं हो पाई।