कानपुर। एक अक्तूबर से बंद हुई रजिस्ट्री सेवाद छह रुपये के अतिरिक्त शुल्क के साथ अभी जारी रहेगी। हालांकि पार्सल रजिस्ट्री के बजाय स्पीड पोस्ट से ही जाएगा। इसका फायदा यह है कि रजिस्टर्ड पोस्ट जिस व्यक्ति के नाम है उसी को मिलेगी। भले ही यह स्पीड पोस्ट से गई हो। वहीं स्पीड पोस्ट से भेजा गया पार्सल पते पर कोई भी रिसीव कर सकता है।
डाक विभाग के अधिकारियों के अनुसार स्पीड पोस्ट को फ्लाइट और सुपरफास्ट ट्रेनों से भेजा जाता है। इसकी वजह से यह महंगी होती है। पिछले कुछ समय से रजिस्टर्ड डाक भी स्पीड पोस्ट के साथ भेजी जानी शुरू हुई थी लेकिन इसकी दर कम होने से यह घाटे की सेवा साबित हो रही थी इसलिए डाक विभाग ने रजिस्टर्ड सेवा को स्पीड पोस्ट में एक अक्तूबर से विलय कर दिया है।
डिप्टी सीपीएम पीएन गुप्ता ने बताया कि एक अक्तूबर से रजिस्ट्री सेवा बंद हो गई है। अब पार्सल स्पीड पोस्ट से ही भेजे जा रहे हैं। अगर लोग चाहते हैं कि उनकी पोस्ट रजिस्टर्ड हो तो इसकेलिए वह अतिरिक्त छह रुपये का शुल्क दें। उन्होंने कहा कि इससे ग्राहकों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। घर बैठे ऑनलाइन बुकिंग और पेमेंट कर सकेंगे। स्पीड पोस्ट सेवा को ट्रैक भी किया जा सकेगा।