कानपुर में क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी अनिल तिवारी डेढ़ साल से बिना हस्ताक्षर के प्रतिमाह करीब 85 हजार रुपये वेतन निकाल रहे हैं। वर्तमान में उनके पास उन्नाव का जिला युवा कल्याण अधिकारी का प्रभार है, लेकिन मूल तैनाती कानपुर जिले में है। बिना हस्ताक्षर वेतन नहीं निकाला जा सकता।
सीडीओ सुधीर कुमार ने कर्मचारियों का उपस्थिति रजिस्टर चेक किया, तो फर्जीवाड़ा सामने आया। सीडीओ ने जिला युवा कल्याण अधिकारी आरती जायसवाल को नोटिस देकर जवाब मांगा है। उन्होंने बताया कि अनिल के उन्नाव का प्रभार संभालने के बाद से अब तक यहां के कार्यालय में उपस्थिति रजिस्टर में न उनका नाम लिखा गया।
उन्होंने न ही हस्ताक्षर किए हैं। वहीं, प्रत्येक माह 85 हजार रुपये वेतन निकाला जाता रहा। नियम के तहत कर्मचारी की मूल तैनाती स्थल पर बिना उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर किए वेतन नहीं निकाला जा सकता। यह बड़ा फर्जीवाड़ा है। जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।