फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुरस्कार वापसी मुद्दा सियासी

Mon, 02 Nov 2015 02:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
दादरी कांड के बाद से साहित्यकारों के पुरस्कार वापसी के मसले पर मशहूर शायर राहत इंदौरी ने कहा है कि अब यह मामला साहित्यिक नहीं बल्कि सियासी हो गया है। जहां सियासत आ जाती है, वहां से शराफत अपने कदम पीछे उठा लेती है।
विज्ञापन


राहत इंदौरी शनिवार को आईआईटी के ‘अंतराग्नि’ कार्यक्रम में हिस्सा लेने शहर आए थे और देर रात परेड के एक होटल में हुई बातचीत में उन्होंने यह बात कही। उन्होंने कहा कि शुरू में सरकार के लिए पुरस्कार वापसी ठीक उसी तरह थी जैसे भगत सिंह ने एसेंबली में बम   फेंक दिए हों। लेकिन अब इसमें सियासत होने लगी है।

अब पुरस्कार वापसी साहित्यिक नहीं सियासी मुद्दा बन चुका है। शायर मुनव्वर राना के साहित्य अकादमी पुरस्कार वापस करने के सवाल पर शायर राहत इंदौरी ने कहा कि उन्हें लगता है कि मुनव्वर राना ने जज्बात में आकर साहित्य अकादमी अवार्ड वापस किया। उसके बाद आए उनके बयानों से लगा कि शायद यह कदम उन्होंने जल्दबाजी में आकर उठाया था। मुनव्वर राना का यह कदम संजीदगी से विचार करने के बाद उठाया गया नहीं लगता है। 
विज्ञापन


इंदौरी का कहना है कि साहित्य वह हथियार है, जिसकी मारक क्षमता बहुत दूर तक होती है। साहित्यकारों को साहित्यिक अंदाज में विरोध जताना चाहिए था। दूसरे रास्ते उचित नहीं कहे जा सकते।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें