रसूलाबाद। सीएचसी में प्रसूताओं की सुविधा के लिए खोला गया मैटरनिटी विंग महिला डॉक्टर एवं बाल रोग विशेषज्ञ के अभाव में रेफर सेंटर बनकर रह गया है। आए दिन प्रसूताओं को जिला अस्पताल या हैलट रेफर कर दिया जाता है। गुरुवार को भी चिकित्सालय से तीन प्रसूताओं व नवजात की हालत बिगड़ने के बाद हैलट रेफर कर दिया गया।
गंभीरा गांव के पिंटू संखवार की पत्नी संतोषी (24) को प्रसव पीड़ा के बाद परिजन निजी अस्पताल ले गए। वहां प्रसव के बाद दोनों की हालत बिगड़ गई। यहां से परिजन रसूलाबाद स्थित मैटरनिटी विंग ले गए। वहां महिला डॉक्टर व बाल रोग विशेषज्ञ न होने पर डॉक्टर ने रेफर कर दिया गया। इसी प्रकार निराला नगर निवासी अनुज की पत्नी रानी देवी (26) का प्रसव सीएचसी की मैटरनिटी विंग में गुरुवार को हुआ।
प्रसव के बाद रानी देवी के नवजात की हालत बिगड़ गई। इसके बाद मौजूद डॉक्टर ने दोनों को रेफर कर दिया। वहीं रायपुर गांव के दलबीर अपनी पत्नी कंचन (24) को प्रसव पीड़ा के बाद मैटरनिटी विंग ले गया। वहां प्रसव के बाद रक्तस्राव होने लगा। इससे महिला की हालत बिगड़ गई। डॉ. अशीष मिश्र ने प्राथमिक उपचार के बाद हैलट रेफर कर दिया।
करीब 6 माह से यहां पर स्त्री रोग व बाल रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं है। इससे महिला व नवजात को उपचार नहीं मिल पा रहा है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आशीष मिश्रा ने बताया कि इस संबंध में कई बार अफसरों को पत्र लिखा जा चुका है। इसके बाद भी विशेषज्ञों की तैनाती नहीं हुई है।
जल्द हो स्त्री व बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती
पूर्व प्रधान मुन्नालाल कठेरिया, पूर्व चेयरमैन रामू गुप्ता, किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह गौर ने विशेषज्ञों की तैनाती को लेकर सीएमओ को पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि मैटरनिटी विंग में काफी समय पहले डॉ. स्वप्रिल सिंह गौर की तैनाती थी। उस समय महिलाओं को किसी प्रकार की समस्या नहीं हो रही थी। उनके जाने के बाद समस्या बढ़ी हैं।