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नए एकाउंटिंग सिस्टम से बैंकिंग फ्रॉड में आएगी कमी, 2020 तक देश के सभी बैंकों में लागू होगी व्यवस्था

Sun, 19 May 2019 05:18 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : गूगल
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बैंकिंग इंडस्ट्री में बहुत जल्द अंतरराष्ट्रीय मानकों वाला नया एकाउंटिंग सिस्टम लागू होने वाला है। इसके लागू होते ही बैंकिंग व्यवस्था में आमूल चूल परिवर्तन देखने को मिलेंगे। गलत सूचना देकर फ्रॉड करने की गुंजाइश में 90 फीसदी तक कमी आ जाएगी। बैंकों का डाटा पहले से अधिक विश्वसनीय हो जाएगा। 
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यह जानकारी शनिवार को कानपुर में यूनियन बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सदस्य व सीए राजीव सिंह ने लखनपुर स्थित चार्टर्ड एकाउंटेंट संस्थान में दी। यहां पर नए एकाउंटिंग सिस्टम इंडियन एकाउंटिंग स्टैंडर्ड पर आधे दिन की कार्यशाला का आयोजन किया गया था।
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दिल्ली से आए राजीव सिंह ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने गत वर्ष सभी बैंकों को 2018 तक नया एकाउंटिंग सिस्टम अपना लेने के निर्देश दिए थे, लेकिन नई तकनीक में अभ्यस्त न होने की वजह से इसे समय पर लागू नहीं किया जा सका। माना जा रहा है कि वर्ष 2020 तक इसे देश के सभी बैंकों में लागू कर दिया जाएगा।

एकाउंटिंग वैश्विक भाषा 
सीए राजीव सिंह ने बताया कि इस एकाउंटिंग सिस्टम की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता है। यह दुनिया भर में प्रचलित स्टैंडर्ड एकाउंटिंग सिस्टम के समतुल्य है। यही एकाउंटिंग सिस्टम जब कॉरपोरेट सेक्टर में लागू होगा तो कंपनियों की अमूर्त संपत्तियों के मूल्य की गणना भी संभव होगी।

इसमें ब्रांड और कॉन्सेप्ट की वैल्यू भी जुड़ेगी। हालांकि 250 करोड़ रुपये से अधिक सालाना टर्नओवर वाली कंपनियां नए एकाउंटिंग सिस्टम का इस्तेमाल कर रही हैं। सीए राजीव कुमार ने समझाया कि जिस तरह से अंग्रेजी दुनिया भर में सबसे ज्यादा बोली और समझी जाने वाली भाषा है, उसी तरह कॉरपोरेट सेक्टर में एकाउंटिंग वैश्विक भाषा है। एकाउंटिंग ही किसी कंपनी की स्थिति बयां करती है।
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