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बारिश से गंगा में प्रदूषण घटा

Tue, 26 Jul 2016 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
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बैराज में सोमवार को जलस्तर 113.30 मीटर रहा। खतरे का निशान 114 मीटर है।  - फोटो : amarujala
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कानपुर। बारिश से गंगा में बढ़े जलस्तर ने प्रदूषण की मात्रा को कम कर दिया है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अनुसार नदी में तेज बहाव की वजह से हानिकारक तत्व और बैक्टीरिया की मात्रा में करीब 60 प्रतिशत की कमी आई है।
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मई महीने में इस साल का सबसे ज्यादा प्रदूषण गंगा में जाजमऊ क्षेत्र में दर्ज किया गया था। यहां पर कॉलीफार्म बैक्टीरिया की मात्रा प्रति 100 मिलीलीटर पानी में एक लाख 20 हजार पहुंच गई थी। जून महीने में यह मात्रा 10 हजार कम हो गई। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अनुसार जिस तेजी से जल स्तर बढ़ा है और बहाव की रफ्तार तेज हुई है, उससे प्रति 100 मिलीलीटर कॉलीफार्म की मात्रा करीब 66 हजार तक आ गई है। विभाग के अधिकारी डा. मोहम्मद सिकंदर का कहना है यदि बहाव बना रहे तो प्रदूषण की दिक्कत काफी हद तक कम हो जाएगी। प्रदूषण की यह मात्रा कन्नौज, उन्नाव, फर्रुखाबाद, बिठूर क्षेत्र में भी कम हुई है।

घटने लगा गंगा का जलस्तर
 कई दिन से लगातार बढ़ोतरी के बाद सोमवार को गंगा का जलस्तर 20 सेंटीमीटर गिर गया। इससे अफसरों ने राहत की सांस ली। हालांकि कटरी से लेकर अस्पताल घाट तक के लोगों के लिए अभी भी खतरा बना   हुआ है। बैराज में गंगा का जलस्तर 24 जुलाई को 113.50 मीटर तक पहुंच गया था। नरौरा बांध और हरिद्वार से छोड़े जा रहे पानी में कटौती और उत्तराखंड में कई दिन से बारिश न होने के कारण जलस्तर में कमी आने लगी है। सोमवार को सिंचाई विभाग ने बैराज में जलस्तर 113.30 मीटर दर्ज किया। अस्पताल घाट के ओमी, सुनीता, विनोद आदि ने बताया कि अभी बाढ़ आने का खतरा टला नहीं है। बस्ती के लोग दिन-रात सतर्कता बरत रहे हैं। नावें भी किनारे खड़ी कर ली गई हैं।
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लौट गई  स्किमर
गंगा में घाटों के आस-पास सफाई के लिए लाई गई स्किमर मशीन वापस चली गई है। अब इसे दोबारा गंगा में पानी का बहाव कम होने पर लाया जाएगा। मिशन फॉर क्लीन गंगा की तरफ से इन सभी मशीनों का कार्य कैसा रहा है, इसी समीक्षा की जा रही है। सभी जगहों से रिपोर्ट मंगाई गई है। कहा जा रहा है कि समीक्षा के बाद यदि इनका काम बेहतर होता है तो इसका प्रयोग और बढ़ाया जाएगा। कानपुर में स्किमर मशीन से तीन महीने तक गंगा के कई घाटों के आसपास सफाई की गई।
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