चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में शिक्षकों की सीधी भर्ती के विज्ञापन और इंटरव्यू की प्रक्रिया निरस्त की जा सकती
कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में शिक्षकों की सीधी भर्ती के विज्ञापन और इंटरव्यू की प्रक्रिया निरस्त की जा सकती है। इसी सिलसिले में चार नवंबर को बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट (बीओएम) की मीटिंग बुलाई गई है। मीटिंग मंडी भवन लखनऊ में होगी। इसकी अध्यक्ष प्रमुख सचिव कृषि शिक्षा रजनीश गुप्ता करेंगे।
शिक्षकों की सीधी भर्ती में धांधली के आरोप साबित हो चुके हैं। इसी का हवाला देकर राज्यपाल राम नाईक ने कुलपति प्रो. मुन्ना सिंह को बर्खास्त किया था। अब राज्यपाल ने कार्यवाहक कुलपति प्रो. राजेंद्र सिंह को आदेश दिया कि बीओएम की मीटिंग कराके सीधी भर्ती प्रक्रिया पर फैसला लिया जाए। बीओएम में कुलपति और अर्थ नियंत्रक सहित 17 सदस्य हैं। दो पद खाली हैं। अब 15 सदस्यों की मीटिंग होगी, फिर भर्ती प्रक्रिया निरस्त करने पर फैसला आएगा। यह प्रक्रिया 77 शिक्षकों की भर्ती के लिए कराई गई थी। बता दें भर्ती प्रक्रिया मेें यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की नियमावली का अनुपालन नहीं किया गया है। राज्यपाल से अनुमोदन के बगैर ही इंटरव्यू का एक्सपर्ट पैनल बना लिया गया। कृषि विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो गई है। आवेदन फार्म भरे जा चुके हैं। अब बीओएम एक्सपर्ट पैनल का एक सदस्य नामित करेगी, फिर तीन सदस्यीय समिति नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी। यही कमेटी अंतिम तीन नाम छांटकर उसे राज्यपाल राम नाईक के पास भेजेगी। कुलपति की नियुक्ति पर अंतिम फैसला राज्यपाल को लेना है।